ALL राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य राजनीति अपराध विशेष विज्ञापन दुनिया कोविड-19 (कोरोना वायरस)
विहिप ने फिर से संस्कार, सेवा
October 2, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

विहिप ने फिर से संस्कार, सेवा

संगठन और समरसता के 56 वर्ष पुराने एजेंडे पर लौटने का किया फैसला

(न्यूज़)।विश्व हिंदू परिषद (विहिप)ने फिर से संस्कार,सेवा,संगठन और समरसता के 56 वर्ष पुराने एजेंडे पर लौटने का फैसला किया है। अब मंदिर और गौरक्षा जैसे विषय उसके एजेंडे में नहीं रहेंगे। हालांकि विहिप ने साफ किया कि राममंदिर के निर्माण तक कोई अन्य काम हाथ में नहीं लेगी और काशी व मथुरा के एजेंडे पर 3 साल बाद ही विचार होगा। भोपाल में पिछले हफ्ते विहिप की 72- सदस्यीय केंद्रीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में पहली बार सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी मौजूद थे।सामान्यता अनुषांगिक संगठनों की बैठक में दोनों में से एक ही व्यक्ति भाग लेता है।विहिप सूत्रों के अनुसार, बैठक में माना गया कि 1984 से 1992 तक चला राम मंदिर आंदोलन विहिप के मूल उद्देश्यों के अनुरूप नहीं था।वह एक जन आंदोलन था।विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि वह आंदोलन हमारे नियंत्रण में नहीं था।ऐसा आंदोलन बहुत शक्ति ले लेता है।  उस दौरान अन्य सब कुछ गौण हो जाता है। तो क्या विहिप की दिशा परिवर्तन का निर्णय हो गया है। इस पर उन्होंने कहा,राम मंदिर का काम पूरा हो चुका है। हमारा संगठन अब अपने मूल उद्देश्य देश- विदेश में हिंदुओं को संगठित करने,समरसता की स्थापना और अनुसूचित जाति जनजातियों के लिए काम करने की ओर लौट रहा है।