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विद्युत पोलों को शिफ्ट करने की लागत में अंतर,विद्युत विभाग की मनमानी को कर रहा है जाहिर
September 19, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

विद्युत पोलों को शिफ्ट करने की लागत में अंतर,विद्युत विभाग की मनमानी को कर रहा है जाहिर

विद्युत विभाग पर सवाल तो कई है पर समाधान नहीं

फतेहपुर।नियम हम बनाएंगे,काम की लागत भी हम तय करेंगे लेकिन काम कब पूरा करेंगे यह नहीं बताएंगे। यह शर्त किसी और की नहीं बल्कि  विद्युत विभाग की है। जो दिखाई भी दे रहा है। तभी तो वीआईपी मार्ग जो डिवाइडर के रूप में परिवर्तित हो रही है उसकी दुर्दशा विद्युत विभाग की इन्हीं शर्तों का एक जीता जागता उदाहरण है। इतना ही नही विद्युत पोलों को शिफ्ट करने कि जो लागत निर्धारित की गई है वह भी भ्रमित करने वाली मनसा को जाहिर करती है। दो मार्गों में विद्युत पोलों को शिफ्ट करने की दूरी एक फिर भी लागत में जमीन आसमान का अंतर। अब फतेहपुर नगर पालिका ने समान दूरी वाले कार्यों में अलग-अलग लागत तय करने को लेकर एतराज जाहिर किया है।
           *हम यहां तीन मार्गों* की चर्चा करना चाह रहे हैं पहला मार्ग नगर पालिका से बिन्दकी बस स्टैंड से होते हुए पत्थर कटा चौराहे तक। जो इस समय बनकर तैयार हो गया है। इस मार्ग को डिवाइडर के रूप में निर्मित किया गया है।बिंदकी बस अड्डे से पत्थर कट्टा मार्ग तक के विद्युत पोलों को शिफ्ट करने की लागत विद्युत विभाग ने 22 लाख 22 हजार034 निर्धारित की थी। विद्युत विभाग द्वारा निर्धारित की गई लागत नगर पालिका द्वारा जमा कराने के बाद मार्ग बन सका। जिसकी दूरी 600 मीटर है। अब हम इतनी ही दूरी वाले एक दूसरे मार्ग की चर्चा करने जा रहे हैं यह मार्ग पत्थर कटा चौराहे से पटेल नगर चौराहे तक का मार्ग है। जिसकी भी दूरी 600 मीटर ही है। इस मार्ग में आने वाले विद्युत पोलों को शिफ्ट करने की लागत 71 लाख 85 हजार 163 विद्युत विभाग ने निर्धारित की। इन दोनों मार्गों की दूरी जब 600 मीटर है तो फिर  पोलों को शिफ्ट करने के लिए लागत में तिगुने से अधिक का अंतर होना विद्युत विभाग के तानाशाह रवैया को जग जाहिर करता है।
        *अब हम एक ऐसे मार्ग* की चर्चा करें जा रहे हैं जिसे हम वी आई पी मार्ग के नाम से जानते हैं। जिसकी लंबाई पौने 2 किलोमीटर है।  इस मार्ग के सभी विद्युत पोलों को शिफ्ट करने की लागत 58 लाख 45 हजार ₹599 विद्युत विभाग ने निर्धारित किया। विद्युत विभाग द्वारा तीनों मार्गों के विद्युत पोलों को शिफ्ट करने की जो लागत निर्धारित की गई है उससे ऐसा लगता है कि विद्युत विभाग घर में ही बैठकर एस्टीमेट तैयार किया है। बिन्दकी बस स्टॉप से पत्थर कट्टा चौराहे तक बनने वाले मार्ग जो 600 मीटर है उसमें 22 लाख 22 हजार 034 रुपए निर्धारित किया गया। लेकिन दूसरा मार्ग जो पत्थर कटा  चौराहे से पटेल नगर चौराहे तक है वह भी जब 600 मीटर की दूरी वाला मार्ग है तो उस मार्ग के खंभों को शिफ्ट करने में 71लाख85हजार163रू की लागत कैसे आ सकती है। जो पहले मार्ग से 3 गुना से भी अधिक है। विद्युत विभाग  वीआईपी मार्ग जो पौने 2 किलोमीटर की दूरी वाला है इस मार्ग में आने वाले विद्युत पोलों को शिफ्ट करने की लागत 66 लाख 47 हजार599रू  निर्धारित किया है। जो 600 मीटर वाले पत्थर कटा से पटेल नगर चौराहे के मार्ग से भी कम है।अब इसे विद्युत विभाग की मनमानी ना कहे तो फिर और क्या कहे।
        *विद्युत विभाग की मनमानी और अकड़ बाजी* हर समय देखने को मिलती है। *पहला सवाल-* अब जब वीआईपी मार्ग के विद्युत पोलों को शिफ्ट करने का पैसा जमा हो चुका है तो फिर इन पोलों को अब तक शिफ्ट क्यों नहीं किया गया। *दूसरा सवाल-* क्या एक ही दूरी वाले मार्गो के पोलो को शिफ्ट करने में अलग-अलग लागत का एस्टीमेट देना विद्युत विभाग की लापरवाही को जाहिर नहीं करता। सवाल विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से भी है कि जब नगरपालिका विद्युत विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार है तो फिर खंभों को क्यों शिफ्ट करने में आने वाली लागत में इतना बड़ा अंतर आ रहा है और वीआईपी मार्ग के विद्युत पोलों को स्विफ्ट क्यों नहीं किया जा पा रहा।