ALL राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य राजनीति अपराध विशेष विज्ञापन दुनिया कोविड-19 (कोरोना वायरस)
वैश्विक महामारी मे आधुनिक परंपरागत ग्रामीण खेल हुए जीवित
July 24, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

गावो मे खेल के शमा से उमंगित हो रहा बुजुर्गो का मन

मोबाइल मे पढाई से ऊब रहे बच्चे ग्रामींण खेलो मे दिखा रहे रूचि
गिरिराज शुक्ला
बिंदकी फतेहपुर ।
आधुनिक खेलों की चकाचौंध के आगे परम्परागत ग्रामीण खेल तेजी के साथ लुप्त होते जा रहे हैं।किंतु वैश्विक महामारी मे लुप्तप्राय हो रहे ये खेल अब जीवित हो उठे है।गावो मे खो-खो,कबड्डी,कूड़ी कूद,लुकाछिपी आदि बिना व्यय वाले खेल पुन:शुरु हो गये है।लाकडाऊन के चलते घरो मे कैद रहने वाले बच्चे अब मोबाइल मे हो रही पढाई से भी ऊब चुके दिखाई देते है।आपको बताते चले सावन मास मे झूले पड़ जाते है इस बार गावों मे परिवेश प्राचीन दिखाई देने लगा है।शहरो से गाव आये प्रवासियो के बच्चे भी इन खेलो मे रुचि दिखा रहे है।पहले
क्रिकेट,बैडमिंटन,मोबाइल पर लूडो जैसे खेल तेजी से लोकप्रिय होते जा रहे हैं।पहले शाम होते ही गांवों में खेल का जो शमां बंधता उससे बुजुर्गो का मन भी उमंगित हो पड़ता था। कबड्डी का एक दाव खेलने को उनका बूढ़ा मन भी जवान हो उठता था।कभी शाम होते ही ग्रामों में कबड्डी-कबड्डी आदि जोश और उत्साह से भरी आवाजें कभी कभार ही सुनाई पड़ती थी।बिना किसी प्रकार के खर्च वाले इस खेल में प्रतिभागियों को अपनी शक्ति व शौर्य के साथ शारीरिक व मानसिक कुर्ती का प्रदर्शन करना पड़ता है।ग्रामीणों का यह प्रमुख खेल उनकी दिनचर्या से धीरे धीरे बाहर हो गया है।ग्रामों में खेले जाने वाले खेल कबड्डी,कटिया, लपची-डंडा,अटाई-डंडा,गुल्ली डंडा, चोर-सिपाही,लुका छिपी,ऊंची कूद, लंबी कूद,रस्सी- कूद,बांस-कूद, रस्साकसी,कुश्ती,खो-खो,जलेबी दौड़, कुर्सी-दौड़,लगंड़ी दौड़ आदि न जाने कितने खेल प्रचलित ये बिना व्यय वाले इन सर्व शुलभ खेलों में जितना शारीरिक व मानसिक विकास होता था उतना आज के बेहद खर्चीले खेलों से शायद ही हो पाता हो।आधुनिकता की चकाचौंध और टेलीविजन एवं मोबाइल के व्यापक प्रचार प्रसार से बच्चों के पसंदीदा खेल चोर-सिपाही,लुका छिपी,ऊंचा नीचा,खो-खो आदि भी सिमटते जा रहे हैं।बच्चे अब खेलों की अपेक्षा अब टीवी देखना,मोबाइल मे गेम खेलना ज्यादा पसंद करने लगे हैं।खिलाड़ियों का चारित्रिक,मानसिक एवं शारीरिक विकास करने वाले अन्य ग्रामीण खेल दौड़,कुश्ती,कटिया,तैराकी,रस्सा खींच,ऊंची कूद,बांस कूद, निशानेबाजी, रस्सी कूद, अटाई डंडा आदि न जाने कितने खेल समय के साथ सिमटते जा रहे हैं।पारंपरिक खेलों में गिरावट आदि के अनेक कारण हैं।जिनमें आज की भौतिकवादी गतिशील जिंदगी में समय की कमी, क्रिकेट, हाकी, बैडमिंटन आदि आधुनिक खेलों की तेजी के साथ बढ़ती लोकप्रियता, इंडोर, वीडियों गेम में बढ़ती अभिरुचि, दूरदर्शन का व्यापक प्रभाव आदि कारण है।वैश्विक महामारी के चलते अब ये खेल गावों मे फिर खेले जाने लगे है।