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उत्तर प्रदेश पावर आफीसर्स एसोशिएसन पावर सेक्टर में निजी घरानों की खोली पोल
August 23, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

लखनऊ।उ0प्र0 पावर आफीसर्स एसोशिएसन ने पावर सेक्टर में निजी घरानो की खोली पोल कहा  निजीकरण बर्दास्त नहीं ।
सरकार को दी  बिजली निजीकरण पर बहस की चुनौती कहा कर देंगे  सिद्ध निजीकरण पूरी तरह फेल इसलिए होगा पुरजोर विरोध
 एसोशिएसन ने कहा निजीकरण पूरी तरह निजीघरानों को लाभ देने वाला कार्यक्रम है न की सुधार की दिशा में कोई बदलाव ।
एसोशिएसन ने आंदोलन की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है समय आने पर होगा आंदोलन का एलान ।              
उ0प्र0 पावर आफीसर्स एसोशिएसन के प्रांतीय कार्यसमिती ने सर्वसमत्त से यह निर्णय लिया है की बिजली क्षेत्र में निजीकरण किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जायेगा । सरकार को यदि लगता है की निजीकरण ही सुधार का एक मात्र विकल्प है तो एशोसिएशन  सरकार को इस बात की चुनौती देती है की उसके सदश्य हर बहस के लिए तैयार है और वह यह सिद्ध कर देंगे की निजीकरण किसी भी प्रकार से देश व प्रदेश हित में नहीं है । उत्तर प्रदेश में आज महगी बिजली खरीद के चलते बिजली दरो में बढ़ोतरी होती है उसका सबसे मुख्यकारण प्रदेश में निजी क्षेत्र में लगे रिलायंस बजाज अलकनंदा  ललितपुर उत्पादन इकाइयो से महगी बिजली खरीद ऐसी प्रकार वितरण क्षेत्र में नोएडा पावर कंपनी व टोरेंट पावर बड़ा लाभ कमा रहे और उपभोक्ता खुस नहीं जो सिद्ध करता है की प्रदेश में वितरण व उत्पादन के क्षेत्र में निजीकरण पूरी तरह निराशाजनक परिणाम दे रहे है कोरोना  महामारी के बीच   पूर्वांचल विद्युत् वितरण निगम के निजीकरण के  प्रस्ताव पर चर्चा  हो रही है जिससे बिजली कर्मियों को भारी निराशा हुई है और उनमे आक्रोश व्याप्त है । एसोशिएसन ने आंदोलन की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है समय आने पर होगा आंदोलन का एलान ।
 उ0प्र0 पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष  एस0पी0सिंह   पीएम प्रभाकर अतरिक्त महासचिव अनिल कुमार सचिव आर पी केन, संघटन सचिव अजय कुमार ने कहा की की विगत वर्ष सौभाग्या योजना में निजी घरानों जैसे बजाज एल0एन0टी टाटा एन0सी0सी ट्रांसरेल  ने बिजली कम्पनियो से उच्च दरों पर काम लेकर लोकल ठेकेदारों से घटिया काम कराया और बड़ा लाभ कमाया ऐसी प्रकार बिजली कम्पनियो में सैकड़ो करोड़ के कंसल्टेंट रखे फिर भी घाटा बढ़ा अभी स्मार्ट मीटर में निजी कम्पनियो के चलते विभाग की छबि धूमिल हुई बिजली बिल वसुली व मीटरिंग सभी निजी घरानो के हाथ ऐसी प्रकार वर्तमान में पूरे प्रदेश में बिजली घरो का अनुरक्षण व परिचालन निजी कम्पनियो के हवाले है सभी को पता आये दिन का रोना परिणाम के नाम पर फिसडी जो यह सिद्ध करता है निजीकरण पूरी तरह निजीघरानों को लाभ देने वाला कार्यक्रम है न की सुधार की दिशा में कोई बदलाव ।इसलिए निजीकरण का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा ।
(अवधेश कुमार वर्मा)
कार्यवाहक अध्यक्ष