ALL राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य राजनीति अपराध विशेष विज्ञापन दुनिया कोविड-19 (कोरोना वायरस)
तस्मानिया यूनिवर्सिटी के हालिया अध्ययन में हल्दी कोओस्टियोआर्थराइटिस का रामबाण इलाज करार दिया
September 16, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

 

(न्यूज़)।जोड़ों के दर्द से परेशान हैं,पर किडनी या लीवर को नुकसान पहुंचने के डर से ज्यादा पेन किलर भी नहीं खाना चाहते। अगर हां तो खाने में हल्दी की मात्रा बढ़ा दीजिए।ऑस्ट्रेलिया स्थित तस्मानिया यूनिवर्सिटी के हालिया अध्ययन में हल्दी को ओस्टियोआर्थराइटिस का रामबाण इलाज करार दिया गया है।इसमें मौजूद करक्यूमिन दर्द के एहसास में कमी लाने में बेहद कारगर साबित हो सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक हल्दी करक्यूला लोंगा नामक पौधे की सुखी जड़ को पीसकर तैयार की जाती है।इसमें पाया जाने वाला करक्यूमिन नाम का पॉलीफेनॉल अपने संक्रमण और सूजन रोधी गुणों के लिए मशहूर है।यही वजह है कि लोग नियमित रूप से हल्दी का सेवन करते हैं,उन्हें ना सिर्फ जोड़ों में सूजन की शिकायत से निजात मिलती है,बल्कि दर्द का एहसास जगाने वाले सिग्नल भी ब्लॉक होते हैं।अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने ओस्टियोआर्थराइटिस से जूझ रहे 70 मरीजों को दो समूहों में बांटा। 
पहले समूह में शामिल प्रतिभागियों को रोजाना हल्दी से तैयार दो कैप्सूल का सेवन करवाया।वहीं दूसरे समूह को दर्द निवारक दवा बता कर साधारण मीठी गोली खिलाई। 12 हफ्ते बाद पहले समूह के प्रतिभागियों ने दूसरे समूह के मुकाबले जोड़ों के दर्द में कहीं ज्यादा राहत मिलने की बात कही।