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सियासी रंजिश में होता रहा है खूनखराबा, अब तक जारी है चुनाव और वर्चस्व की जंग
August 13, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

 सहारनपुर । पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में सियासी रंजिश या वर्चस्व की जंग में सत्ताधारी दल से लेकर अन्य पार्टी नेताओं, प्रधानों और पूर्व प्रधानों की हत्याएं लगातार सामने आती रही हैं। बागपत में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की हत्या का मामला इस समय सुर्खियों में है।
यहां जिले में भी सियासी रंजिश या वर्चस्व की जंग के कारण खूनखराबा हुआ है। करीब तीन साल पहले पूर्व ब्लॉक प्रमुख पति देवपाल राणा की हत्या का मामला सबसे सुर्खियों में रहा है। ऐसी ही कुछ अन्य घटनाएं भी हुई हैं। वर्ष 2017 में नानौता की पूर्व ब्लॉक प्रमुख नीलम राणा के पति देवपाल राणा की हत्या कर दी गई थी। गैंगस्टर सहित अन्य मामलों में आरोपी देवपाल की उस समय हत्या हुई थी जब वह रुड़की कचहरी में पेंशी पर आए थे। देवपाल राणा परिवार की ओर से ऋषिपाल राणा को इस हत्या के लिए जिम्मेदार बताया गया था।
ऋषिपाल राणा मौजूदा ब्लॉक प्रमुख चांदनी राणा के पति हैं। इसके बाद ऋषिपाल राणा पक्ष की ओर से भी कई बार यह कहा जाता रहा कि उन्हें देवपाल राणा के परिवार से खतरा है। ये दोनों ही परिवार एक-दूसरे पर बड़े अपराधियों के गिरोह से जुड़े होने का आरोप भी लगाते रहे हैं। इन दोनों परिवारों में अब भी वर्चस्व की जंग जारी है।
पिछले साल ही देवबंद क्षेत्र में भाजपा नेता एवं सभासद चौधरी धारा सिंह की हत्या कर दी गई थी। शुरूआत में इस हत्या के पीछे सियासी साजिश या रंजिश की आशंका जाहिर की गई थी। हालांकि बाद में शुगर मिल में ठेकों के मामलों की रंजिश बताते हुए पुलिस ने घटना का खुलासा किया था। इससे कुछ साल पहले जड़ौदा पांडा में जनार्धन त्यागी सहित कुछ अन्य लोगों की हत्या में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सियासी रंजिश के मामले सामने आए थे।
रंजिश की घटनाओं के रिकाॅर्ड में लापरवाही 
ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य से लेकर अन्य चुनाव को लेकर हर बार रंजिश के मामले सामने आते हैं। इसके बावजूद अधिकतर थानों में रंजिश से जुड़ी घटनाओं और सियासी दखल के रिकार्ड को मेंटेन करने में लापरवाही बरती जा रही है।
अधिकतर थानों में जमीन के विवाद, परिवारों में पुरानी रंजिश के कुछ मामलों के ही रिकार्ड हैं। इसे नियमित रूप से मेंटेन नहीं किया जाता है। रंजिश में दोनों पक्षों की ओर से सुरक्षा मांगने के प्रार्थना पत्रों को भी काफी हल्के में लिया जाता है।
 जहां जरूरी होता है, वहां रखा जाता है रिकाॅर्ड 
एसपी देहात अशोक कुमार मीणा बताते हैं कि सियासी या वर्चस्व से जुड़ी रंजिश के मामलों को पुलिस गंभीरता से लेती है। जहां जरूरी होता है, वहां अलग से रिकार्ड मेंटेन कर लिया जाता है। पुलिस अपने स्तर से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के हरसंभव प्रयास करती है।