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सर्वगुण संपन्न हैं पाण्डे जी
June 20, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश


- बंजरभूमि में भी लहलहा देते हैं फसल
- स्वरचित पुस्तक का विधानसभा में हो चुका है विमोचन
- मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के कार्यक्रमों का करते हैं शानदार संचालन
 
गिरिराज शुक्ला
बिंदकी फतेहपुर
कई नामचीन अखबारों में गैर जनपदों में डेक्स इंचार्ज रह चुके  पत्रकार  एवं समाजसेवी  इंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि लोकनाथ पांडेय एक ऐसा नाम है। जिनमे किसान, कवि, वैद्य, पत्रकार, नेता, संचालक सहित कई गुण हैं। जो एक से बढ़ कर एक हैं। इन बेमेल गुणों का ऐसा समन्वय स्थापन की कला जो आप में है वह निश्चित रूप से बेजोड़ हैं। 78 वर्ष की आयु में भी प्रतिदिन साइकिल चलाना और गौमाता की स्वमेव सेवा करना यह आप के ब्यक्तित्व को साधरण से विशेष बनाता है।जिला प्रशासन से आप की नजदीकियां होना भी आप के कौशल का सशक्त हस्ताक्षर है।
1967 व 1974 में बिंदकी विधानसभा के विधायक रहे परम् आदरणीय रमाकांत द्विवेदीजी के प्रतिनिधि  रहे जिससे पूर्व मुख्यमंत्री हेमवतीनन्दन बहुगुणा जी अच्छे रिश्ते हो गए । पांडेय जी के बताने के अनुसार बहुगुणा जी के तीसरी पीढ़ी से आज भी वही नाते हैं। और कानपुर देहात क्षेत्र के पूर्व सांसद राधेश्याम कोरी के प्रतिनिधि भी रहे। उसी दरम्यान सरकंडी गांव के पास आप के प्रयास से नवोदय विद्यालय की स्थापना हुई। बतादें कि जिस तरह राजनीत में माहिर हैं उसी तरह किसानी में भी कम नही । बताते हैं कि हमने 16 बीधे और सात बीधे ऊसर जमीन को हाड़ तोड़ मेहनत औऱ अपने तरीके से उसे उर्वरक बना दिया। फलस्वरूप उसमें सभी किस्मों की फसलें लहलहाती है। और मुझे प्रगति किसान का खिताब मिल गया। वर्ष 1997 में  (फतेहपुर एवं स्वतंत्रता ) पुस्तक लिखी जिसमे जनपद के समस्त पौराणिक, ऐतिहासिक एवं स्वतंत्रता संग्राम से सम्बंधित सभी पहलुओं के बारे में लिखा गया था। इस पुस्तक का विमोचन पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री केशरीनाथ त्रिपाठी जी के कर कमलों द्वारा विधानसभा लखनऊ में किया गया था। पाण्डेय जी ने बताया कि ससुर खरेदी नदी नम्बर दो को जीर्णोद्धार कराया गया जिसमें उस समय रहे जिलाधिकारी कंचन वर्मा को जल संरक्षक क्षेत्र में योगदान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सम्मानित किया।बाद में डीएम साहब ने पांडेय जी को पुरस्कृत किया। राष्ट्रकवि सोहनलाल द्विवेदी जी की जयन्ती पर हर बरस भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन भी आप के योगदान का ही परिणाम होता है। आप का जन्म यमुना तट पर बसा गाँव मौहरी मे स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी परिवार में हुआ था।