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सरकारी संस्थान को बनाया निजी फोटोकॉपी की दुकान
October 22, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

सरकारी संस्थान को बनाया निजी फोटोकॉपी की दुकान

निःशुल्क मिलने वाले फॉर्म को दे रहा सशुल्क

मामला संज्ञान में आते ही खण्ड शिक्षाधिकारी ने लगाई फटकार

फ़तेहपुर। जनपद के में एक मामला सामने आया है, जहां सरकारी संस्था में बैठकर ये पूरा खेल चल रहा है, और आधार कार्ड के फार्म के नाम पर वसूली की जा रही है।
बता दें कि ब्लाक संसाधन केंद्र(बीआरसी) हसवा के सरकारी भवन में बैठकर बेखौफ हो आधार कार्ड आपरेटर फार्म के नाम पर अनैतिक रूप से पैसे की मांग करता है। हालांकि मामला खण्ड शिक्षाधिकारी के संज्ञान में आने पर आधार कार्ड आपरेटर को 
खण्ड शिक्षाधिकारी द्वारा कड़ी फटकार लगाई गई।
वहीं कुछ ग्रामीणों का कंप्यूटर आपरेटर पर आधार कार्ड बनवाने के लिए अनैतिक रूप से उनसे अधिक रुपये लेने का आरोप भी लगाया गया है।
हालांकि खण्ड शिक्षाधिकारी ने इस मामले की भी जांच कराने की बात कही है। जबकि कम्प्यूटर आपरेटर ने खण्ड शिक्षाधिकारी के सामने ही आधार कार्ड का फॉर्म देने के बदले 20 रुपये लेने की बात स्वीकार की। जिस पर खण्ड शिक्षधिकारी का पारा चढ़ गया और उन्होंने कम्प्यूटर आपरेटर को कड़ी फटकार लगाई, तथा फॉर्म के नाम पर अवैध उगाही बंद करने का निर्देश दिया और कहा कि फार्म के नाम पर जिनसे 20 रुपये लिए है उन्हें वापस करिए। परन्तु सवाल ये है कि मामला अधिकारी के संज्ञान में आने और कंप्यूटर आपरेटर द्वारा फॉर्म के नाम पर अवैध वसूली स्वीकारने के बाद भी कार्यवाही के नाम पर क्या हुआ ? केवल चेतावनी या फटकार लगाकर ऐसे लोगों को छोड़ना कहा तक सही है? क्या यह सरकार की मंशा को पलीता नही लगा रहा है? निःशुल्क फॉर्म के नाम पर शुल्क लेकर क्या ये आधार कार्ड आपरेटर सरकार और जिला प्रशासन की छवि को समाज मे धूमिल नहीं कर रहा है? और सबसे बड़ी बात तो ये है कि इस कम्प्यूटर आपरेटर ने कितने लोगों से फॉर्म के नाम पर रुपये लिए और खण्ड शिक्षाधिकारी की फटकार के बाद कितनो को रुपये अभी तक वापस किये है।