ALL राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य राजनीति अपराध विशेष विज्ञापन दुनिया कोविड-19 (कोरोना वायरस)
संचारी रोग नियंत्रण अभियान 31 अक्टूबर तक: जिला कृषि रक्षा अधिकारी
October 5, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

संचारी रोग नियंत्रण अभियान 31 अक्टूबर तक: जिला कृषि रक्षा अधिकारी

फतेहपुर।जिला कृषि रक्षा अधिकारी, सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि शासन द्वारा संचारी रोग नियंत्रण अभियान दिनाँक 01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2020 तक चलाया जा रहा है । संचारी रोग जे0ई0(जापानी इंसेफेलाइटिस) एवं ए0ई00ए0 (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) के फैलने में चूहा एवं छछूंदर की भूमिका महत्वपूर्ण है, अतः इनको नियंत्रण करना अतिआवश्यक हैं। जिससे संचारी रोगो को फैलने से रोका जा सके । कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत व्यक्तिगत दूरी एवं अन्य निर्देशों का पालन करते हुए विकास खंड स्तर पर स्थापित बीज भंडार एवं कृषि रक्षा इकाई से 05 से 10 कृषको के समूह में प्रतिदिन चूहा एवं छछूंदर नियंत्रण की जानकारी दी जाएगी। 
चूहों की संख्या को नियंत्रण करने के लिए अन्न भंडारण पक्की, कंक्रीट तथा धातु से बने पात्रों में करना चाहिए ताकि उनको भोज्य पदार्थ सुगमता से उपलब्ध ना हो सके। चूहे अपना बिल झाड़ियो कूडो एवं मेड़ो आदि में स्थायी रूप से बनाते है, खेतो का समय-समय पर निरीक्षण एवं साफ सफाई करके इनकी संख्या को नियंत्रण किया जा सकता है । चूहों के प्राकृतिक शत्रुओं बिल्ली सांप उल्लू लोमड़ी बाघ एवं चमगादड़ आदि द्वारा चूहों को भोजन के रूप में प्रयोग किया जाता है इनको संरक्षण देने से चूहों की संख्या नियंत्रित हो सकती है । चूहे दानी का प्रयोग करके उसमें आकर्षक चारा जैसे डबलरोटी बिस्कुट आदि रखकर चूहों को पकड़कर मार देने से इनकी संख्या नियंत्रित की जा सकती है । घरों में ब्रमोडियोलान 0.005 प्रति0 के बने चारे की 10 ग्राम मात्रा प्रत्येक जिंदा दिल में रखने से चूहे उसके खा कर मर जाते हैं । एल्यूमिनियम फास्फाइड की दवा 3 से 4 ग्राम प्रति जिंदा बिल में डालकर बंद कर देने से उससे निकलने वाली फास्फीन गैस से चूहे मर जाते हैं । चूहा बहुत चालाक प्राणी है इस को ध्यान में रखते हुए छः दिवसीय योजना बनाकर इसको आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है । प्रथम दिन आवासी घरों एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण एवं बिलो को बंद करते हुए चिन्हित करें। दूसरे दिन निरीक्षण कर जो बिल बंध है वहां पर चिन्ह मिटा दें जहां पर बिल खुले पाए वहां चिन्ह रहने दे । खुले बिल में एक भाग सरसों का तेल 48 भाग भुने दाने का चारा बिना जहर मिला बिल में रखे तीसरे दिन विलो का निरीक्षण कर बिना जहर का चारा पुनः रखें । चौथे दिन जिंक फास्फाइड 80% की 1 ग्राम मात्रा 1 ग्राम सरसों का तेल 48 भाग  भुने दाने में बनाए गए चारे को बिलो में रखते हुए पाँचवे दिवस बिलों का निरीक्षण करें एवं मरे हुए चूहों को एकम आबादी से दूर जमीन में गाड़ दें, छठवें दिन बिलों को पुनः बंद करें तथा अगले दिन यदि बिल खुले पाए तो उपरोक्त कार्यक्रम अपनाएं ।