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रक्षाबंधन में सूनी रहेंगी कैदियों की कलाई
July 29, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

फतेहपुर। जिला कारागार में बंद बंदियों और कैदियों की कलाई इस बार सूनी रहेगी। यहां तक कि मिठाई तक भी नसीब नहीं होगी। कोरोना संक्रमण के चलते बंदियों को उनकी बहनें इस रक्षाबंधन पर राखी नहीं बांध पाएंगी।कोरोना को लेकर जारी शासनादेश के कारण बंदियों से मुलाकात पर पाबंदी रहेगी। हालांकि कारागार के गेट पर बने काउंटर पर बहनें आकर अपना नाम-पता दर्ज कराकर एक अगस्त की शाम चार बजे तक राखी, चंदन व चावल एक लिफाफे में बंदी भाइयों के लिए दे सकती हैं, लेकिन भाईयों को मिठाई खिलाने का परमिशन नहीं है। कोरोना संक्रमण के कारण जेल में बंद बंदियों और उनके परिजनों की मुलाकात पर 22 मार्च से पाबंदी लगी हुई है। मुलाकात का सिलसिला कब शुरू होगा, इस संबंध में शासन स्तर से कोई निर्देश भी नहीं आया है। इसके अलावा कैदियों, बंदियों और जेल स्टाफ को कोरोना से बचाने के लिए इस रक्षाबंधन पर बहनों को जेल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह पहली बार हो रहा है, जब बहनें अपने भाईयों को राखी नहीं बांध पाएंगी। मुलाकात से संक्रमण का खतरा रक्षाबंधन के दिन हर साल बंदियों की बहनें जेल आती थीं और अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती थी, लेकिन इस बार ऐसा संभव नहीं है। जेल अधिकारियों का कहना है कि मुलाकात शुरू होगी तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। इसी वजह से ही जो भी लोग आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किए जा रहे हैं, उन्हें पहले अस्थायी जेल में रखा जा रहा है। जांच में जब पुष्टि हो जाती है कि वह स्वस्थ हैं, तभी जिला जेल में दाखिल किया जाता है। बंदियों और उनके परिजनों की मुलाकात पर फिलहाल पाबंदी लगी हुई है। रक्षाबंधन पर भी यही व्यवस्था रहेगी।कोट..कोरोना को देखते हुए इस रक्षाबंधन पर जेल में बहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कारागार के गेट पर बने काउंटर पर आकर वह अपना नाम-पता दर्ज कराकर एक अगस्त की शाम चार बजे तक राखी, चंदन व चावल एक लिफाफे में रखकर बंदियों के लिए दे सकती हैं|