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रात्रि में होती है हरे प्रतिबन्धित पेडों की कटान,क्षेत्रीय पुलिस की भूमिका संन्दिग्ध,वन विभाग को भी किया जाता गुमराह
November 11, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

रात्रि में होती है हरे प्रतिबन्धित पेडों की कटान,क्षेत्रीय पुलिस की भूमिका संन्दिग्ध,वन विभाग को भी किया जाता गुमराह

गाजीपुर थाने के बड़ागांव मछारिया का मामला

फतेहपुर।जनपद में वन माफिया पूरी तरह से हाबी है जहां पर रात्रि में प्रतिबंधित पेडों पर हल्के के सब इंस्पेक्टर रामाआसरे  के क्षेत्र में हरे वेजुबान पेड धडाल्ले से कुल्हाडे चल रहा है सूत्रों के मुताबिक पहले तो पेड अगर आसानी से काटकर माफिया निकाल लें जाते हैं तो ठीक है नहीं तो फिर उसका जुल्बाना लकड़ी माफिया के द्वारा कराया जाता है जहां बड़ा गांव मछरिया में हरे पेड़ आम के पेड का,ठेकेदार द्वारा कटवा लिया गया। है ।इनको वन विभाग व पुलिस का भय नही है ।पकड़े जाने के बाद जुर्माना करवाकर अपने काम को अंजाम देते है फिर पुलिस भी कहती है की उनका जुर्माना किया गया है ।फिरवो लकड़ी उठाकर अपने व्यसाय को नियम के तहत सिद्ध कर लेते है ।मगर आज 20 वर्ष से लकड़ी काटकर ले जा रहे क्षेत्र से यदि कोई दूसरी बाग तैयार होइ हो तो बताए गाजीपुर कस्बे के क्षेत्र से हरे पुराने पेड़ो को इन वन माफियाओ द्वारा पूरी तरह से समाप्त किया जा चुका है अब कोई भी पुराना पेड़ क्षेत्र में नही बचा है अगर समय रहते इन पर ध्यान नही दिया जा रहा तो रेगिस्तान बनने में इस दोआबा छेत्र को कोई नही रोक सकता सख्त थानाध्यक्ष के रोक के बावजूद काटे गए पेड़ । को अब इस पर क्या कार्यवाही की जाती है ।अब इस पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है पेड़ तो अब खड़ा नही होगा ।प्रक्रति का संतुलन तो बिगड़ ही रहा है इसे बचाना हमारा सबका कर्तब्य है ।