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राशी और रानू का बढा वजन, परिजन भी हुये खुश
October 17, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

राशी और रानू का बढा वजन, परिजन भी हुये खुश 

पोषण पुनर्वास केंद्र में चिन्हित कमजोर बच्चों को बनाया जा रहा सेहतमंद 

करीब डेढ लाख बच्चों का हुआ वजन, 4011 बच्चे लाल और 33843 बच्चे पीली श्रेणी के मिले

फतेहपुर। राष्ट्रीय पोषण माह के तहत चिहिन्त पांच साल तक के नौनिहालों को सुपोषित बनाने की दिशा में काम शुरू हो गया है। इस दौरान जनपद के 13 ब्लाकों से कम वजन लाल श्रेणी के 4011 बच्चे चिन्हित किये गये है। अब इन बच्चों का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आरबीएसके की टीम स्वास्थ्य परीक्षण कर सेहतमंद बनाने का काम कर रही है। परिजनों की काउंसलिंग कर आवश्यकतानुसार बच्चों को इलाज मुहैया कराया जा रहा है। ज्यादा गंभीर बच्चों को जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र एनआरसी में भर्ती कराया गया है।
आबूनगर के गिहार बस्ती में रहने वाले कल्लू गिहार और मालती की 11 माह की बेटी राशी जो कि बेहत कमजोर और बीमार थी। आंगनबाडी के माध्यम से सूचना मिलने पर सीडीपीओ अमिता श्रीवास्तव ने बच्ची की जांच कराई जिसमें वह अति कुपोषित पाई गई। तत्काल उन्होंने बच्ची को जिला अस्पताल के एनआरसी सेंटर में भर्ती कराया। अब बच्ची का वजन भी बढ रहा है और वह पहले से स्वस्थ है। बच्ची के पिता कल्लू ने बताया कि मजदूरी करते है बच्ची के स्वास्थ्य को लेकर बेहद चिंतित थे लेकिन अब वह बहुत खुश है। इसी प्रकार गडरियन पुरवा निवासी देवकरन और पूजा की छह माह की बेटी रानू भी अति कुपोषित थी। सीडीपीओ ने बताया कि जानकारी मिलने पर बच्ची को जिला अस्पताल लेकर गये और जांच कराई इसके बाद भर्ती कर इलाज शुरू कराया। अब बच्ची स्वस्थ हैै। 
एक माह तक चले पोषण माह के दौरान कुल 4011 बच्चे अति कुपोषित चिन्हित किये गये है। इन बच्चों को लाल श्रेणी में रखा गया है। इन बच्चों का वजन उम्र और लंबाई के हिसाब से कम है। जो इन्हे अति कुपोषित की श्रेणी में रखता है। इसी तरह आंशिक रूप से कम वजन के बच्चों की संख्या 33843 है। इन्हे पीली श्रेणी में रखा जाता है। 

इनसेट --
फतेहपुर। जिला कार्यक्रम अधिकारी जया त्रिपाठी ने बताया कि कोविड 19 प्रोटोकाल का पालन करते हुये लाल श्रेणी के बच्चों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इन बच्चों के परिजनों की काउंसलिंग शुरू कर दी गई है। आरबीएसके टीम और और एएनएम की मदद से इनका उपचार चल रहा है। जो बच्चे ज्यादा गंभीर होंगे उन्हे जिला अस्पताल के एनआरसी वार्ड में भर्ती कराया जा रहा है। 

फतेहपुर। पोषण पुनर्वास केंद्र की डायटीशियन शिल्पी श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र में जीरो से पांच साल तक के बच्चों का 15 फीसद वजन बढने तक इलाज होता है। बच्चे और मां को निशुल्क भोजन के साथ मां के खाते मे पचास रूपये प्रतिदिन की दर से दैनिक भत्ता मिलता है। इसी के साथ निशुल्क जांच इलाज व दवाएं आने और जाने के लिए तीन सौ रूपये किराया भी दिया जाता है।