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पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद पुलिसकर्मियों को पूरे देश में जगह-जगह कार्यक्रम करके दी गई श्रद्धांजलि
October 21, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद पुलिसकर्मियों को पूरे देश में जगह-जगह कार्यक्रम करके दी गई श्रद्धांजलि

(न्यूज़)। पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर प्राणों की आहुति देने वाले शहीद पुलिसकर्मियों को पूरे देश में जगह जगह कार्यक्रम करके श्रृद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी जा रही है। इसी क्रम में श्रावस्ती पुलिस लाइन में भी पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देकर उन्हें याद किया गया। इस मौके पर शहीद पुलिसकर्मियों को याद करते हुए एसपी अरविन्द कुमार मौर्य ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। जिसके बाद पुलिस लाइऩ में मौजूद अऩ्य पुलिसकर्मियों ने भी बारी बारी से शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद एसपी ने पुलिस स्मृति दिवस पर उपस्थित सभी पुलिस पदाधिकारियों व जवानों का संबोधित किया। 

*एसपी ने पुलिसकर्मियों को सुनाई गौरव गाथा*: इस मौके पर एसपी अरविन्द कुमार मौर्य ने कहा कि पुलिस सेवा में सर्वोत्तम सेवा अपने कर्तव्य क्षेत्र कार्य करते हुए देश के लिए कुर्बान होना है। पुलिस विभाग में हर साल अपना कर्तव्य निभाते हुए सैकड़ों पुलिस पदाधिकारी व जवान शहीद होते हैं। आज का दिन उन्हीं शहीदों के लिए समर्पित है। एसपी अरविन्द कुमार मौर्य ने कहा कि अमन शांति बनाए रखने के लिए कई पुलिस कर्मियों ने अपनी शहादत दी है। उनके बदौलत ही आज हम खुली हवा में आजादी की सांस ले रहे हैं। इस मौके पर एसपी अरविन्द कुमार मौर्य द्वारा कई शहीदों के नाम लेकर और उनकी साहस की प्रशंसा की गई। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने अपने-अपने शस्त्र झुकाकर नम आंखों से शहीदों को सलामी दी। एसपी अरविन्द कुमार मौर्य ने कहा कि देश की सेवा करते हुए शहीद होना यकीनन की बात है. उन्होने परिजनो की भी हौसला बढाते हुए कहा एक जवान की शहादत उसकी वीरता का प्रतीक तो है ही साथ ही वह जवान के परिजनो के भी बलिदान का जीता जाता उदाहरण होती है जिसे कभी भी नहीं भुलाया जा सकता। इस मौके पर उन्होंने शहीदों के परिजनों से अपने बच्चों के बड़े होने पर पुलिस सेवा में भेजने की अपील भी की।

*क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस*: हर साल देश के लिए सीने पर गोली खाने वाले जवानों की याद में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाकर उन बहादुरों को श्रद्धांजली दी जाती है। जिन्होने उफ किए बिना देश की खातिर प्राण न्यौछावर कर दिए। इसी दिन 1959 में चीन के विरूद्ध युद्ध में दस पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। ये दिन उन्हीं की याद में मनाया जाता है। करम सिंह, डी.सी.आई.ओ., के नेतृत्व में 20 पुलिसकर्मियों की एक टोली दल को ढूंढने निकला, ये टोही दल एक दिन पहले निकला था लेकिन फिर वापस कभी लौट कर नहीं आया। पूर्वोत्तर लद्दाख में ‘हॉट स्प्रिंग्स’ नामक स्थान पर चीनी सैनिकों ने खोजी दस्ते पर गोलियां और ग्रेनेड से हमला कर दिया, जिससे हमारे दस बहादुर वर्दीवालें वीरगति को प्राप्त हुए, सात घायल हो गए और अन्य सुरक्षित निकल आये। चीनियों ने मृतकों के शव तीन हफ्ते बाद लौटाए और तब पूरे पुलिस सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया था। तत्पश्चात अपर पुलिस अधीक्षक बी0सी0 दूबे, क्षेत्राधिकारी नगर हौसला प्रसाद, प्रतिसार निरीक्षक विनोद कुमार सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगणो द्वारा श्रृद्धा-सुमन अर्पित करके शहीदों को श्रृद्धांजलि दी गयी। इस दौरान पुलिस स्मृति दिवस की आयोजित परेड की कमान महिला पुलिसकर्मियों द्वारा संपन्न कराई गई।