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प्रदूषण के कारण दिल्ली में बढ़ रहे हैं फेफड़ों के कैंसर के मरीज 
November 11, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

प्रदूषण के कारण दिल्ली में बढ़ रहे हैं फेफड़ों के कैंसर के मरीज 

(न्यूज़)।दिल्ली में हर साल सर्दी में प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच जाता है।इसके चलते लोगों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बढ़ते प्रदूषण के कारण फेफड़ों के कैंसर के मामले भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोनो काल में यह समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है।रोहिणी स्थित राजीव गांधी कैंसर अस्पताल के डॉ. विनीत तलवार ने कहा कि वायु प्रदूषण से फेफड़े के कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल से अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जो फेफड़ों के कैंसर से ग्रसित हैं। आजकल इलाज के लिए जो मरीज आ रहे हैं, उनमें भी फेफड़ों की समस्या से ग्रस्त लोगों की संख्या अधिक है। इसका प्रमुख कारण प्रदूषण है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में यह और भी घातक साबित हो सकता है,क्योंकि प्रदूषण और कोरोना दोनों ही फेफड़ों को असर करते हैं। ऐसे में जिन व्यक्तियों को संक्रमण हुआ है यदि उन्हें कैंसर भी हो जाए तो यह जानलेवा साबित होता है।राजीव गांधी कैंसर अस्पताल के सीनियर कंसलटेंट डॉ. एलएम डारलॉन्ग ने कहा कि प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ा दिया है। दुर्भाग्य से ज्यादातर मरीजों का पता एडवांस स्टेज में चलता है। यही कारण है कि कैंसर के कारण होने वाली मौतों में फेफड़ों के कैंसर की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। हाल के दिनों में जो लोग कैंसर से ग्रसित हुए हैं, उनमें फेफड़ों के कैंसर के मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। इससे जान गंवाने वालों की संख्या स्तन, प्रोस्टेट और कोलन कैंसर से जान गंवाने वालों की कुल संख्या से भी ज्यादा है।