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पेट्रोल-डीजल पर वैट बढ़ाकर संभालेंगे अर्थव्यवस्था, यूपी सरकार प्रस्ताव पर कर रही विचार
August 13, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

 

लखनऊ । कोविड-19 महामारी से अर्थव्यवस्था पर पड़े असर को कम करने के विकल्पों पर विचार शुरू हो गया है। प्रदेश सरकार पेट्रोल व डीजल पर वैट कर की फिक्स दरें बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। पेट्रोल पर 1.26 रुपये से 2.26 रुपये प्रति लीटर व डीजल पर 1.09 रुपये से 2.09 रुपये प्रति लीटर वैट बढ़ाने का प्रस्ताव है। सरकार को तय करना है कि वैट की दरों में वृद्धि कितनी व कब से की जाए।
शासन के एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में पेट्रोल व डीजल की कीमत कई राज्यों से कम है। सरकार आकलन कर रही है कि यदि वैट की फिक्स दरों में कुछ वृद्धि की जाती है तो क्या फर्क पड़ेगा? अधिकारी के मुताबिक वित्त वर्ष 2019-20 में पेट्रोल की अनुमानित खपत 470 करोड़ लीटर व डीजल की 1130 करोड़ लीटर रही है।
सरकार ने तीन अप्रैल 2020 को पेट्रोल व डीजल के उपभोक्ता मूल्य के आधार पर वैट की फिक्स दरों में वृद्धि से राजस्व में वृद्धि का अनुमान लगाया है। वर्तमान में पेट्रोल पर वैट की फिक्स राशि 16.74 रुपये प्रति लीटर व डीजल पर 9.41 रुपये प्रति लीटर है। पेट्रोल व डीजल पर वैट की फिक्स दरों में वृद्धि के लिए तीन तरह का प्रस्ताव तैयार कराया गया है। इससे सरकार को 1740 करोड़ से 3300 करोड़ रुपये अतिरिक्त वार्षिक राजस्व मिल सकता है।
 इस तरह वैट की फिक्स दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव 
प्रस्ताव-1: पेट्रोल पर वैट 1.26 रुपये प्रति लीटर व डीजल पर 1.09 रुपये प्रति लीटर वृद्धि की जाए। इससे 1,740 करोड़ रुपये अतिरिक्त वार्षिक राजस्व वृद्धि का अनुमान है।
प्रस्ताव-2: पेट्रोल पर वैट की दर में 1.76 रुपये व डीजल में 1.59 रुपये प्रति लीटर वृद्धि की जाए। इससे 2,520 करोड़ रुपये अतिरिक्त वार्षिक राजस्व प्राप्ति की उम्मीद।
प्रस्ताव-3: पेट्रोल पर वैट की दर में 2.26 रुपये व डीजल पर 2.09 रुपये प्रति लीटर वृद्धि की जाए। इससे 3300 करोड़ रुपये अतिरिक्त वार्षिक राजस्व प्राप्त हो सकता है।
 उपभोक्ताओं पर इस तरह पड़ेगा असर 
प्रस्ताव तैयार करते समय बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात व पश्चिम बंगाल में पेट्रोल व डीजल के उपभोक्ता मूल्यों को ध्यान में रखा गया है। तीन अप्रैल के उपभोक्ता मूल्य के आधार पर तीनों प्रस्तावों पर अलग-अलग असर सामने आएगा। यदि पहले प्रस्ताव पर सहमति बनती है तो प्रदेश में पेट्रोल की कीमत 73.17 रुपये व डीजल की 63.95 रुपये हो जाएगी। लेकिन तब भी पेट्रोल बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान व महाराष्ट्र से जबकि डीजल उत्तराखंड छोड़कर इन सभी राज्यों से सस्ता रहेगा।
दूसरे प्रस्ताव पर सहमति बनती है तो पेट्रोल की कीमत 73.67 रुपये व डीजल की 64.45 रुपये हो जाएगी। तब पेट्रोल बिहार, मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र से ही सस्ता रहेगा, जबकि डीजल उत्तराखंड छोड़ इन सभी राज्यों से सस्ता रहेगा। तीसरे प्रस्ताव पर एक राय हुई तो पेट्रोल 74.17 रुपये व डीजल 64.95 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा। ऐसी स्थिति में पेट्रोल बिहार, मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र से ही सस्ता रहेगा। डीजल उत्तराखंड व पश्चिम बंगाल छोड़ अन्य राज्यों से सस्ता रहेगा।