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पशुधन बीमा योजना का लाभ उठाएं पशुपालक: पशु चिकित्साधिकारी
June 19, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश


फतेहपुर ।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी  डॉ0 आर0 के0 शर्मा ने अवगत कराया है कि जनपद फतेहपुर के पशुपालकों को सूचित किया जाता है कि भारत सरकार द्वारा पशुधन बीमा योजना वर्ष 2020-21 के क्रियान्वयन हेतु जनपद में सामान्य वर्ग के लाभार्थियों हेतु 700 का लक्ष्य प्राप्त हुआ है । जो कि दिनांक 30 जून 2020 तक पूर्ण किया जाएगा । पशु बीमा का प्रीमियम 01 वर्ष का 2.25 प्रतिशत एवं 3 वर्ष का 6.13 प्रतिशत पशु की मूलधनराशि पर होगा । 
योजना का मुख्य उद्देश्य:- पशुपालकों के पशुओं की मृत्यु होने की दशा में पशुधन बीमा से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना योजना अंतर्गत स्वदेशी/ शंकर दुधारू पशु, भावाहक पशु (घोड़ा, गधा,खच्चर) नर भैसा/सांड एवं एवं अन्य पशु (बकरी, भेड़, सूकर) बीमित होंगे । इस योजना के अंतर्गत सब्सिडी का लाभ समस्त पशुओं (भेड़, बकरी, सूकर को छोड़कर) हेतु 05 पशु प्रति लाभार्थी प्रति परिवार तक बीमा करा सकता है , परंतु भेड़, बकरी सूकर में 01 पशु इकाई को 10 भेड़ /बकरी/ सूकर के बराबर माना जाएगा (अधिकतम 50 छोटे पशुओं का बीमा करा सकता है) । इस कार्य को क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी पशु मित्रों के सहयोग से करेंगे । इस योजना में लाभार्थियों हेतु 75% का अनुदान देय होगा तथा 25% लाभार्थी को देना होगा । मुख्यतः उक्त योजना में स्वदेशी पशुओं का बीमा किया जाएगा, जिससे छोटे पशुपालकों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जा सके। बीमा हेतु पशु स्वामी के साथ पशु का टैग लगा हुआ एक फोटो खींचना आवश्यक होता है । बिना टैग वाले पशु का बीमा नहीं किया जाएगा । भैस का अधिकतम 50000(पचास हजार), गाय का 40000(चालीस हजार),  बैल एवं भैसा का 20000(बीस हजार) एवं छोटे पशुओं का 5000(पांच हजार) से अधिक का बीमा नहीं किया जाएगा । संदर्भित पशुओं के मूल्य का निर्धारण संबंधित बीमा कंपनी एवं पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा किया जाएगा । बड़े पशुओं में 2 से 10 वर्ष की आयु के पशु का ही बीमा किया जाएगा तथा छोटे पशुओं में 1 से 5 वर्ष के पशुओं का बीमा किया जाएगा । पशु को बेचे जाने की स्थिति में रूपया 50 शुल्क देकर बीमा का स्थानांतरण नये क्रेता को हो सकता है । पशु की मृत्यु होने पर पशु चिकित्साधिकारी को अविलंब सूचना देना अनिवार्य होगा जिससे वह बीमा कंपनी को मौके पर बुला सके तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के आने हेतु अधिकतम 24 घंटे तक इंतजार करना होगा तत्पश्चात पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा शव परीक्षण किया जाएगा। यह बीमा पॉलिसी जारी होने के 15 दिवस बाद प्रारंभ होगा परंतु किसी प्रकार की आकस्मिक दुर्घटना होने की स्थिति में प्रथम दिवस से ही मान्य होगा। अतः जनपद के पशुपालकों से अनुरोध है कि अपने पशुओं का अधिक से अधिक संख्या में बीमा करवा कर योजना का लाभ प्राप्त करें ।