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न्याय के मंदिर इलाहाबाद हाई कोर्ट पर पीड़ित महिलाओं का न्याय हेतु 37 दिन से अनवरत धरना
October 6, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

न्याय के मंदिर इलाहाबाद हाई कोर्ट पर पीड़ित महिलाओं का न्याय हेतु 37 दिन से अनवरत धरना

प्रशासन पर अवैध निर्माण कराने का आरोप।

बलिया की महिला बेटियों संग रात-दिन धरनारत।

एसओ,एसडीएम, डीएम से जान बचाने की गुहार।

सीएम योगी से मिलने पर भी नही मिला न्याय।

न्यायसंगत मदद को सामने आया परमेंदु वेलफेयर सोसाइटी

प्रयागराज।न्याय का मंदिर हाई कोर्ट इलाहाबाद के सामने बलिया की गीता रानी सहित पीड़ित महिलाएं न्याय हेतु विगत 37 दिन से रात-दिन धरनारत हैं।
   जानकारी के अनुसार मुख्य न्यायाधीश हाई कोर्ट इलाहाबाद सहित सभी सक्षम व उच्च अधिकारियों व सीधे सीएम योगी से मिलकर दिए शिकायती प्रार्थना पत्र में पीड़िता गीता रानी पत्नी महेंद्र पाल, निवासिनी- ग्राम-काकरासों, थाना-उभांव, जनपद-बलिया ने आरोप लगाया है कि उसके आराजी संख्या-51 की जमीन हो रहे अवैध निर्माण में थाना हाजा के एसओ, एसडीएम व डीएम सीधे शामिल हैं जिनके विरुद्ध कमिश्नर से किये शिकायत पर कोई कार्यवाही नही हुई बल्कि उल्टे एसडीए द्वारा पीड़िता को धमकी दी गई है। इस बावत गीता रानी दो बार सीधे सीएम योगी से मिलकर व मुख्य न्यायाधीश हाई कोर्ट इलाहाबाद सहित सभी सक्षम व उच्च अधिकारियों से शिकायत कर चुकी है लेकिन इतने बड़े भ्रष्टाचार के मामले में अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई है अलबत्ता थक-हार कर गीता रानी अपनी दो बेटियों प्रिया व मंजू रानी सहित घर छोड़कर न्याय हेतु न्याय के मंदिर हाई कोर्ट इलाहाबाद के सामने भारतीय संविधान निर्माताओं में से एक भीमराव आम्बेडकर की मूर्ति पर विगत 37 दिन से रात-दिन धरनारत है लेकिन यह बेहद अफसोसजनक है कि जातिवादी वोट बैंक के चक्कर में हाथरस केस आदि में भारी राजनैतिक ड्रामा करने वाले राहुल व प्रियंका आदि नेताओं को इस पीड़िता की सुध लेने का समय नही मिला व न ही उत्तर प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं ने कोई मदद की। इसी के साथ यक्ष प्रश्न यह भी है कि तमाम मामलों में सोमोटो लेने वाले हाई कोर्ट इलाहाबाद के मा0न्यायाधीशगणों व अधिवक्ताओं तक को इन पीड़ित महिलाओं की आवाज सुनने का समय विगत 37 दिन से नही मिला जिसका सबसे बड़ा कारण शायद इन महिलाओं का राजनीति, जनबल व धनबल से कोई सरोकार न होना है। फिलहाल एनजीओ परमेंदु वेलफेयर सोसाइटी के प्रबन्धक आर के पाण्डेय एडवोकेट ने इन महिलाओं को न्यायसंगत मदद का पूरा विश्वास दिलाया है।