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निजीकरण के मुद्दे पर UPPCL के बड़केबाबू की संघर्ष समिति की वार्ता विफल
October 5, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

निजीकरण के मुद्दे पर UPPCL के बड़केबाबू की संघर्ष समिति की वार्ता विफल

संघर्ष समिति और प्रबन्धन टकराव की राह पर

लखनऊ।पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के फैसले पर लगभग एक माह से अधिक दिनों से संघर्ष समिति के आव्हान पर उसके सभी घटक दलों का चरणबद्ध तरीके से निजीकरण का विरोध जारी है पर लगभग एक माह बीतने के बाद UPPCL के अध्यक्ष के रूप मे अवैध रूप से बैठे बड़केबाबू को कम्पनी का भट्टा बैठने के बाद फुटडालो राज करो कि नीति के तहत अपने चाटुकारो की सलह से आंदोलन कर रही सयुक्त संघर्ष समितियो के धटक यूनियनों से वार्ता करने की सुध आयी जिस पर शीर्ष प्रबन्धन द्वारा पहले तो अलग अलग संगठन के नेताओ को बड़केबाबू से वार्ता का सन्देश उनको भेजा गया जो कल तक प्रबन्धन के विरुद्ध इंकलाब जिंदाबाद और मुर्दाबाद के नारे लगाते थे पर संघर्ष समिति के घटक दल जो 2000 में अपने सहयोगियों और प्रबन्धन के छल से अपना राज्य विद्युत परिषद टूटता देखा हैं सबने प्रबन्धन के किसी बड़ी चाल में फंसने के पूर्व एक स्वर में प्रबन्धन से बगैर संघर्ष समिति के वार्ता से साफ इनकार करते हुए किनारा कस लिया। सूत्र बताते हैं कि विभागीय जयचन्दों के माध्यम से uppcl के सबसे बडे बड़केबाबू यानी चेयरमैन ने स्वयं वार्ता पर आने का अनुरोध किया पर सभी ने इनकार कर दिया यह संघर्ष समिति की एक जुटता ने शीर्ष प्रबन्धन को झकझोर कर रख दिया और फिर अपने हुए अपमान को पचाते हुए ना चाहते हुए भी मजबूर हो कर प्रबन्धन ने  संघर्ष समिति को वार्ता के लिये आमंत्रित किया परन्तु तमाम कोशिशों के बावजूद भी वार्ता पूरी तरह विफल रही।
बड़केबाबू और संघर्ष समिति के बीच वार्ता की झलकियां
उ प्र सरकार की आँख के सुरमा और सरकार के पक्ष में किसी भी मुद्दे पर सामने वालो के सुरमे चुराने और अपनी बातों को मुहावरों और पर्यायवाची शब्दो मे घुमाफिरा कर रखने वाले योद्धा UPPCL के अध्यक्ष बड़केबाबू के बीच की वार्ता के सम्बंध में सूत्रों का कहना है कि वार्ता पूरी तरह सौहार्दपूर्ण चली करीब दो घण्टे सवा दो घण्टे की वार्ता में 45 मिनट तक बड़केबाबू ने अपने सारी कलाओं और प्रतिभा का बखान किया यानी कि अपने मुंह मिया मिठ्ठू बन कर अपना ही  विश्लेषण किया उसके बाद संघर्ष समिति के नेता और सहयोगी दलों ने अपना पक्ष रखते हुए निजीकरण के फैसले को वापस लेने से कम किसी भी बिन्दु को मानने से सीधे तौर पर इनकार करते हुए प्रबन्धन की सभी शर्तो को खारिज कर अपने आंदोलन को जारी रखने के फैसले पर कायम रहने का प्रबन्धन को सन्देश देते हुए वार्ता समाप्त कर बाहर निकलने। सूत्र बताते है कि नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने वा किसी कम्पनी की नियुक्ति करने की बाते महोदय द्वारा की गयी जब यह बात समिति ने खारिज कर दी और इसका एक स्वर मे विरोध किया तो जनाब ने तर्क दिया कि जब निजीकरण की तलवार सबके सर पर टगी होगी तो सब बेहतर प्रदर्शन करेगे अगर नही करेगे तो फिर हस्तांतरण कर दिया जायेगा परन्तु अनुभवी मुखिया ने इस खेल को भापते हुए कहा कि आप हमे ऐसे ही प्रबन्धन चलाने को देदो हम सब ठीक कर देगे तब जनाब बगले झकने लगे थे इस विफल वार्तालाप की जानकारी देते हुए संघर्ष समिति के घटक दल के एक नेताजी ने कहा कि हमारे बिजलिकर्मीयो पर जानबूझकर सोची समझी साजिश के तहत हडताल थोपी जा रही है प्रबन्धन हमारे शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार के आंदोलन को हड़ताल का नाम देकर हमे दबाने की कोशिश कर रहा है परन्तु हम हडताल नही कार्य बहिष्कार कर रहे है प्रबन्धन द्वारा हमारे कार्य बहिष्कार को जबरदस्ती हडताल    बताना एक सोची समझी साजिश है हमारे बिजलीकर्मी 33000 हजार वोल्ट से लेकर 440 वोल्ट के करेंट की तरगों की आपूर्ति कर प्रदेश के गाँव मजरो से लेकर शहरों तक को रोशन करते और हमारी आपूर्ति में किसी प्रकार की मिलावट नही होती पर आज UPPCL का प्रबन्धन उ प्र सरकार को गुमराह कर हमारे उद्योग को निजी घरानों को लाभ पहुचाने की नीयत से बेचने की नाकाम कोशिश कर रहा है पर शायद यह भूल रहे हैं। विद्युतकर्मियो से टकराने में उनके शरीर में दौड़ रहे हजारों बोल्ट के बिजली के करेट के समान तरगों से टकराकर कोई भी नहीं जीतेगा यकीन न हो तो हाथ बढ़ा कर देख सकता है प्रबन्धन की न चालबाजी और फूट डालो और  राज करो की नीति का अब हमरे उपर कोई असर नही पडने वाला हमारे अनुभवी नेताओ ने एक बार धोखा खाया और इनकी बातो मे आ गये परन्तु इस बार हमारे पास 74 साल के सरक्षक का मार्गदर्शन है हम किसी तरह से पीछे नही हटेंगे।  वैसे भी हमारे पाठक सोच रहे होगे कि आखिर हम uppcl के अध्यक्ष को भी आज कैसे अवैध रूप से नियुक्त लिख रहे है तो आप सभी की जानकारी के लिए बताना चाहता हू कि *आप सभी uppcl का मेमोरेडम आफ आर्टिकल पढे आप सभी को अपनी ताकत और विभागीय कमजोरीया आज के समय मे मालूम होनी चाहिए जिनके पास मेमोरेंडम नही है वो प्रगति यात्रा से प्राप्त सकते है।