ALL राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य राजनीति अपराध विशेष विज्ञापन दुनिया कोविड-19 (कोरोना वायरस)
निजी ट्रेनों के लिए प्रयागराज बनाया गया है कलस्टर, पांच ट्रेनें होंगी यहां से शुरू 
August 13, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर

 

 प्रयागराज । रेलवे द्वारा प्राइवेट सेक्टर की मदद से चलाई जाने वाले ट्रेनों के लिए टाइमलाइन तय करने के साथ पिछले माह ही कुल 12 कलस्टर बना दिए गए हैं। इन 12 कलस्टर में प्रयागराज भी शामिल है। प्रयागराज कलस्टर से 13 ट्रेनों को चलाया जाएगा। इसमें पांच केवल प्रयागराज जंक्शन से ही चलेंगी। वर्ष 2023 में  प्राइवेट ट्रेनों का पहला सेट आएगा।
 रेलवे की ओर से पिछले माह ही 109 रूटों पर कुल 151 आधुनिक कोच से लैस ट्रेनें चलाए जाने का एलान किया गया था। निजी ट्रेनों को चलाने के फैसले पर उठे सवालों के बीच रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये अतिरिक्त ट्रेनें होंगी। इससे हर कोई लाभान्वित होगा। सीआरबी वीके यादव कह चुके हैं कि सरकार ने 5 फीसदी ट्रेनों के ही निजीकरण का फैसला किया है।
बाकी 95 फीसदी ट्रेनें रेलवे की तरफ से ही चलाई जाएंगी। यह देश के उन यात्रियों के लिए तोहफा होगी, जिन्हें प्रतीक्षा सूची लंबी होने की वजह से यात्रा करने में मुश्किलें पेश आती हैं। इन ट्रेनों का संचालन उन्हीं रूटों पर किया जा रहा है, जिन पर यात्रियों का बहुत बोझ है। इसका किराया एसी बस और हवाई किराया को ध्यान में रख कर तय किया जाएगा।
 इन ट्रेनों की रफ्तार होगी 160 किमी प्रति घंटा 
रेलवे द्वारा चलाई जाने वाली ट्रेनों की रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा होगी। वर्तमान समय  दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-कोलकाता के बीच फिलहाल 130 किमी प्रति घंटे वाले ट्रैक तैयार हैं। निजी ट्रेन के संचालन के साथ ही अपनी अन्य ट्रेनों की रफ्तार 160 किमी तक करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज जोन भी तमाम कार्य कर रहा है। एनसीआर का लक्ष्य है कि वर्ष 2023 या 2024 तक जोन के दो प्रमुख रूट दिल्ली-हाव़ड़ा एवं दिल्ली-मुंबई पर ट्रेनें 160 किमी तक चलाई जा सके। अप्रैल 2023 से निजी ट्रेनों का संचालन 12 क्लस्टरों में किया जाएगा। इनमें सर्वाधिक 13 रूट दिल्ली और प्रयागराज क्लस्टर के पास होंगे। दिल्ली को राजधानी और प्रयागराज को धार्मिक व पर्यटन केंद्र होने की वजह से 13 रूटों पर निजी ट्रेनें चलाई जाएंगी।