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कुश्ती के बाद अब मिक्स्ड मार्शल आर्ट में दिखेगा ‘भारतीय शेरनी’ रितू फोगाट का जौहर
October 21, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

नई दिल्ली 2016 में सिंगापुर के कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली रेसलर रितू फोगाट अब मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में अपना जौहर दिखाएंगी। आगामी 30 अक्टूबर को सिंगापुर में ही आयोजित हो रहे ‘वन: इनसाइड द मैट्रिक्स’ टूर्नामेंट में रितू का मुकाबला कंबोडिया की मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियन नाउ स्रे पोव से होने जा रहा है। रितू के अनुसार, ये रोमांचक मैच होगा जिसके लिए वह पूरी तरह तैयार हैं। उनका एक ही मकसद है देश को मिक्सड मार्शल आर्ट में पहला वर्ल्ड चैंपियन देना।

पहलवानों के परिवार से आने वाली रितू को बचपन से मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स आकर्षित करता था। लेकिन कभी सोचा नहीं था कि वह इसे पेशेवर रूप से भी लेंगी। लेकिन एक समय आया जब उन्हें यह बात काफी खटकने लगी कि अब तक भारत से किसी ने भी मिक्स्ड मार्शल आर्ट का खिताब हासिल नहीं किया है। कोई चैंपियन नहीं बना है। साल 2019 के फरवरी महीने की घटना है, रितू ने इस कमी को भरने के उद्देश्य से सिंगापुर स्थित विश्व के सबसे बड़े मार्शल आर्ट्स संगठन, वन चैम्पियनशिप (वन) के साथ जुड़ने का निर्णय लिया।वह बीते डेढ़ साल से अकेले सिंगापुर में रहकर मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ले रही हैं। रितू बताती हैं, ‘मेरे लिए यह बिलकुल नया स्पोर्ट्स है। शुरुआत में थोड़ी दिक्कत हुई। नए देश में नया गेम सीखने का चैलेंज था। उसी बीच कोविड भी आ गया और लॉकडाउन के कारण ट्रेनिंग वगैरह बंद हो गई। लेकिन कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है। मैंने ऑनलाइन व वीडियोज की मदद से अभ्यास जारी रखा। इसमें कोच काफी मदद करते हैं, जिससे खेल में अच्छा सुधार हुआ है।'

नाउ के साथ मैच के लिए हैं तैयार 

रितू को ‘भारतीय शेरनी’ (द इंडियन टाइग्रेस) के नाम से भी जाना जाता है। जब वे अपने विरोधियों को धराशायी करती थीं, तो प्रशंसकों की तालियों की गड़गड़ाहट पूरे स्टेडियम में गूंजने लगती थी। लेकिन इस बार बिना दर्शकों के मैच होंगे। इस पर उनका कहना है कि थोड़ा फर्क तो पड़ेगा, क्योंकि दर्शकों की ऊर्जा का अलग ही असर होता है। लेकिन यह भी सच है कि रिंग में रहते हुए हमें सिर्फ अपने खेल पर फोकस करना होता है। मैं भी वही करूंगी।