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कोविड-19 के दौर में सावधानियों के साथ निमोनिया से करें बचाव 
November 11, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

कोविड-19 के दौर में सावधानियों के साथ निमोनिया से करें बचाव 

निमोनया से बचाव के लिए नवजात, शिशु एवं बच्चों को टीका लगवाना जरूरी

टीकाकरण के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जाएं

फतेहपुर। कोविड-19 का दौर चल रहा है इस समय काफी मौसमी बीमारियों का भी सामना करना पड़ सकता है। सर्दी का मौसम आते ही निमोनिया का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। निमोनिया को लोग साधारतः आम समस्या मानते हैं, लेकिन यह समस्या इतनी भी साधारण नहीं है। अगर इसका समय रहते ही सही तरीके से उपचार नहीं होता है तो यह गंम्भीर स्वास्थ्य समस्या पैदा कर सकती है।   
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर संजय सिंह ने बताया कि निमोनिया होने पर सबसे पहले फेफड़े अत्यधिक संक्रमित हो जाते हैं और इससे सांस लेने में भी तकलीफ बढ़ जाती है। इस सक्रमण में फेफड़ों के वायु के थैलों में मवाद भर जाता है और सूजन आ जाता है, जिससे खांसी, बुखार, ठंड लगने व सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। निमोनिया जैसी बीमारी से संक्रमित होने पर व्यक्ति में ंकई प्रकार के लक्षण दिखने लगते हैं। कुछ साधारण उपाय के साथ निमोनिया जैसी बीमारी से बचा जा सकता है। 
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बच्चों में निमोनिया के प्रमुख लक्षण 
बाल रोग विशेषज्ञ डा जेके उमराव ने बताया कि सांस तेज चलना, घरघराहट आदि भी निमोनिया बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। निमोनिया के आम लक्षणों में खांसी, सीने में दर्द, बुखार व सांस लेने में कठिनाई प्रमुख रूप से होते हैं। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में निमोनिया होने पर उन्हें सांस लेने तथा दूध पीने में भी परेशानी भी होती है और भी सुस्त हो जाते हैं। बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनी रहे इसलिए जन्म के तुरन्त बाद बच्चे को मां का पहला गाढ़ा दूध अवश्य देना चाहिए। 

निमोनिया के अन्य मुख्य लक्षण

सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द
खांसी जो कफ पैदा कर सकती है।
बुखार पसीना और कपकपी के साथ ठण्ड लगना
मतली उल्टी या दस्त
सांस लेने में परेशानी
सामान्य शरीर के तापमान से कम

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मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर एसपी अग्रवाल ने बताया कि निमोनिया से बचने के लिए निमोनिया और फलू के टीके जिला अस्पताल समेत 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 33 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व 189 उपकेन्द्रों पर उपलब्ध है। डाक्टर के परामर्श के बाद इसको लोग अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों पर जाकर लगवा सकते हैं। सांस की नली के संक्रमण से बचने के लिए अपने हाथों को नियमित रूप से धोएं या अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें इसके अलावा कोविड के दौर में मास्क को सही तरीके से लगाएं।