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खागा नगर पंचायत ने बुजुर्ग महिला की पट्टे की जमीन पर किया कब्जा
September 23, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

खागा नगर पंचायत ने बुजुर्ग महिला की पट्टे की जमीन पर किया कब्जा

महिला का आरोप: भूमि पर बनी भूँसे की कोठरी को जे.सी.बी. से गिरवाया
 
फतेहपुर। खागा कस्बे के अंदर जी.टी.रोड किनारे स्थित 12 बिस्वा कृषिक आराजी के सम्बंध में भुक्तभोगी महिला पुष्पा देवी पत्नी प्रेम नारायण ने बताया कि सन 1961 में उन्हें मौजा शहजादपुर खागा परगना हथगाम अंतर्गत चकबंदी पूर्व आराजी गाटा नम्बर 2423/3 रकबा 0.1271व 2423/12 रकबा 0.0024 हेक्टेयर का पट्टा मिला था जिसपर तत्कालीन जगन्नाथ नामक व्यक्ति ने विवाद उत्पन्न कर दिया और मामला कोर्ट में होने के कारण पट्टा रिकॉर्ड में दर्ज नही हो सका था बाद में पुष्पा देवी के पक्ष में तारीख 25 /10/1976 में चकबंदी कोर्ट ने डिग्री पारित करते हुए यह आदेश दिया कि पुष्पा देवी का नाम रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए। इधर दौरान मुकदमा चकबंदी के सर्वे में  भुक्तभोगी महिला के संबंधित भूमि पर रखे निजी खलिहान को देखकर तत्कालीन चकबंदी लेखपाल ने इस भूमि को खलिहान नम्बर में दर्ज करके भूमि के नए नम्बर 2132 व 2133 में बदलकर भूमि को सुरक्षित लैंड घोषित कर दिया।

   मालूम हो कि चकबंदी कोर्ट से रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने के आदेश से आश्वस्त भुक्तभोगी महिला को रिकॉर्ड में नाम दर्ज न होने की जानकारी देर से हुई और सही सलाह न मिलने पर महिला ने चकबंदी न्यायालय में मुकदमा दाखिल न कर उपजिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दाखिल कर दिया जहाँ से मुकदमा खारिज करते हुए न्यायालय ने धारा 109 चकबंदी न्यायालय में वाद योजित करने सुझाव दिया जहाँ वर्तमान में भुक्तभोगी महिला ने वाद योजित कर रखा है।

भुक्तभोगी महिला ने बताया कि  वाद विचाराधीन होने के बावजूद दिनांक 22/9/2020 दिन मंगलवार को नगर पंचायत खागा के इ ओ लालचन्द मौर्या ने दलबल के साथ जे सी बी से भुक्तभोगी महिला की भूमि पर बनी भूँसे की कोठरी गिरा दिया और अब वह इसे अपनी जमीन बता कर  कब्जा करना चाहती है तहसील के प्रशासन कोई सुनवाई नही कर रहा इस सरकार में तानाशाही चल रही है।