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ज्वालागंज तालाब प्रकरण में कब्जेदारो पर कसा शिकंजा, 
September 11, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

 

राजस्व विभाग ने पाच दर्जन कब्जेदारो को दी नोटिस

फतेहपुर। शहर के ज्वालागंज ईलाके के एक भारी भरकम तालाब को पाटकर भू- माफियाओं द्वारा बेचे गए लगभग डेढ़ सौ प्लाटों में खड़े आलीशान भवनों का अस्तित्व दाव पर लग गया है। फिलहाल पाच दर्जन के करीब चिन्हित भवनों के स्वामियों को राजस्व विभाग ने नोटिस जारी करना भी शुरू कर दिया है। इन्हें 15 दिनों के अंदर तहसीलदार एवम् नायब तहसीलदार की कोर्ट में दस्तावेजों के साथ पेश होना होगा। इस नोटिस में अवैध कब्जा हटाने व भारी भरकम हर्जाने का भी उल्लेख किया गया है।
गौरतलब है कि पूर्व में उच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद उप जिलाधिकारी सदर प्रमोद कुमार झा के आदेश पर राजस्व विभाग ने लगभग 22 बीघे भू- भाग पर फैले इस तालाब को काग़ज़ी हेरा फेरी के बाद पाटकर आलीशान भवन खड़ा करने वालो को तगड़ा झटका देते हुए पुनः उक्त भू-भाग को तालाबी नम्बर में दर्ज करा दिया था। खबर है कि इस जमीन पर लगभग सवा सौ मकान बने है और दो दर्जन के करीब प्लाट पड़े है। एसडीएम के आदेश पर पिछले दिनों हुई नाप- जोख में भी स्थानीय कुछ रसूखदारों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए खेल करवाने की चर्चा जोरों पर है। तहसीलदार की इस मद में भूमिका पर शुरू से सवाल उठते रहे है। राजस्व टीम ने सिर्फ 62 मकान चिन्हित किए गए, जिसमें 60 को गृह स्वामियों को नोटिस जारी की गई है।
विगत 28 अगस्त को तहसीलदार द्वारा जारी इन नोटिसों में भारी भरकम जुर्माने के साथ साथ तत्काल कब्जा हटाने के लिए 11 सितंबर (आज) तक का समय दिया गया है। हाई प्रोफाइल इस मामले में जिला पंचायत सदस्य शफीक उद्दीन, समाजवादी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नफीस उद्दीन, प्रधान संघ के अध्यक्ष नदीम उद्दीन, ज्वालागंज सभासद कासिम अली, मो. शहजादे उर्फ जुगनू नेता के मकान प्रभावित हो रहे हैं। इस मामले में अब तक प्रशासन का लचर रवैया रहा है। देखना यह होगा कि इन नोटिसों पर आगे क्या होता है, क्या यह सिर्फ़ काग़ज़ी हथकंडा होगा या फिर कोई प्रभावी कार्यवाहीं भी होगी, जिसकी संभावना काफी काम है।