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जिले में अवैध खनन और राजस्व की लूट
June 23, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

यह चुप्पी कुछ कहती है....

न्यूज़ आफ फतेहपुर

जिले में माफिया द्वारा मोरम का भारी मशीनों से अनियमित खनन, खनन खण्डों से ओवर लोडिंग, करोड़ों के सरकारी राजस्व की लूट और एनजीटी के निर्देशों व खनन अनुबंधों के साथ मनमानी पर सत्तादल के संगठन, सभी छह सत्तादल के विधायक जिनमें दो सूबे की सरकार में मंत्री भी हैं और जिले की सांसद और केंद्रीय मंत्री की चुप्पी बड़े सवाल खड़ी कर रही है। हैरतअंगेज यह भी कम नहीं कि छोटे छोटे मामलों में सरकार को घेरने की कोशिश में उछल कूद करता दिखने वाला विपक्ष भी पूरी तरह खामोश है।अपना समय समय पर पुरुषार्थ दिखाने वाला प्रशासन भी कैसे अचानक अर्जुन से स्त्रैण वृहन्नला की भूमिका में आ गया? यह स्थिति भी अचम्भे में डालने वाली है। कालिंदी की जिस धारा को विदीर्ण करके खनन करने के मामले में समाजवादी पार्टी की सरकार ने तत्कालीन कमिश्नर और डीएम सहित अनेक अधीनस्थों पर सस्पेन्शन तक की कार्यवाही करके पूरे सूबे के माफियाओं की चूलें हिला दी थी उसी कालिंदी की कोख को अवैध और मनमानी पूर्ण ढंग से विदीर्ण करके करोड़ों की राजस्व लूट पर शुचिता और पारदर्शिता की डींगें हांक कर गंगा यमुना आदि नदियों के संरक्षण पर बड़े बड़े व्याख्यान देने वाली सरकार और उसके प्रतिनिधि मौन हैं। सत्तादल का संगठन, सरकार, जिले के सभी जन प्रतिनिधि,शासन, प्रशासन,पुलिस और यहां तक कि सम्पूर्ण विपक्ष की चुप्पी से यही संदेश निकलता प्रतीत होता है कि यमुना तीरे के हमाम में सभी नंगे हैं। लुटती यमुना की धारा में ये सभी हांथ धो रहे हैं!