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जिलाधिकारी सख्त फिर भी डॉक्टर व कर्मचारी कर रहे मनमानी
September 29, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

जिलाधिकारी सख्त फिर भी डॉक्टर व कर्मचारी कर रहे मनमानी

फतेहपुर।सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों कर्मचारियों की मनमानी ही है कि प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जाने वाले मरीजों को सही ढंग से उपचारित नहीं किया जाता। चिकित्सकों के ना आने से लोग वार्डबॉय व फार्मासिस्ट से इलाज कराने को मजबूर रहते हैं।आने वाले लोगों को ना तो डॉक्टर मिल पाता है और ना ही दवाई जिसका नतीजा है जिला अस्पताल में दूरदराज से आने वाले लोगों की भीड़ लगी रहती है!

जिलाधिकारी संजीव सिंह के द्वारा किए जा रहे निरीक्षणों के बावजूद इनकी मनमानी पर रोक नहीं लग पा रही है और चिकित्सकों का अपनी तैनाती वाले अस्पतालों में मनमाने तरीके से आवागमन जारी है।गैर जनपदों से ज्यादातर चिकित्सक आवागमन कर रहे हैं और विभागीय सांठगांठ के चलते अपनी तैनाती ही अपने रहने वाले जनपद से सबसे समीप पड़ने वाले अस्पताल में करवा रखी है और इसके बदले विभागीय अधिकारियों को निश्चित नजराना उनके द्वारा दिया जाता है।ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर कस्बा व जिला मुख्यालय स्थित अस्पताल की व्यवस्थाएं व चिकित्सकों की मनमानी किसी से छिपी नहीं है।कोरोना के बहाने डॉक्टर मनमानी पर उतारू हैं। जिससे लोगों को समुचित इलाज नहीं मिल रहा है।मजबूरन नर्सिंग होमों में लोग इलाज कराने को मजबूर हैं। शासन-प्रशासन की मंशा के विपरीत काम कर रहे चिकित्सक भले ही धरती के भगवान बने बैठे हों लेकिन उनकी कारगुजारियां यहां कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं।गरीब मरीजों से पैसों की वसूली तक की शिकायतें आती रही हैं और मोटी तनख्वाह पाने वाले चिकित्सक गरीबों का शोषण करते रहे हैं।कई बार उच्चाधिकारियों को ऐसे मामलों पर हस्तक्षेप करना पड़ा है और कई बार तो ऐसे मामलों में लड़ाई झगड़े तक की नौबत आई है।पूरा देश कोरोना जैसी महामारी से संघर्ष कर रहा है। उसी बीच डॉक्टरों की मनमानी व उदासीनता भी जगजाहिर है,हलांकि कुछ चिकित्सक ऐसे भी हैं जो बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं और लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं,लेकिन मनमाना रवैया अपनाने वालों की संख्या बड़ी तादाद में है। इन पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी को ठोस कार्रवाई करनी होगी तभी इनकी मनमानी व उदासीनता पर रोक लग पाएगी और आम गरीब जनता को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का समुचित लाभ मिल पाएगा।