ALL राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य राजनीति अपराध विशेष विज्ञापन दुनिया कोविड-19 (कोरोना वायरस)
जिलाधिकारी की अपील ही कोरोना महामारी का बचाव जिंदगी जीने की चाहत में नियमों को ना भूले
September 17, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

 

फतेहपुर।कोरोना वायरस की महामारी के बीच एक बार फिर जिंदगी जीने की कोशिश शुरू हो गई है। फिर वही दिनचर्या बाजारों में भीड़ भाड़ पुरानी यादों को दोहराने लगी है। फिर भी अभी इस महामारी से बचने की जरूरत है। आज भी इस महामारी की चपेट में आने वालों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही
25 मार्च का वह दिन लोगों को अभी भी याद है जब एक साथ पूरे देश में lockdown प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद लागू हुआ था। लॉक डाउन की घोषणा के बाद लोगों के बीच कोरोना महामारी का एहसास हुआ था। सड़कों में सन्नाटा,बाजरे पूरी तरह से बंद हो चुकी थी। शहर वीरान हो चुके थे। लेकिन एक बार फिर बढ़ते कोरोना महामारी के बीच चहल पहल लौट आई है। यूं कहें कि लोगों ने अपनी जिंदगी जीनी शुरू कर दी। जिंदगी जीने की इस चाहत में यहां के लोग सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करते नहीं दिख रहे। महामारी का भय तो है फिर भी सारे नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही है जो उनके लिए ही नहीं बल्कि दूसरों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं ना ही सोशल डिस्टेंस और ना ही मुंह में मास्क लगाया जा रहा है। ऐसे लोग खुद ही खतरा मोल ले रहे हैं और लोगों के के लिए खतरा बन रहे।
जिलाधिकारी संजीव सिंह ने लॉकडाउन के पहले चरण से ही इस महामारी को एक चुनौती के रूप में सिंह ने स्वीकार किया।यहां के लोगों को भी इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए कहा। महामारी को एकजुट होने के बाद ही हराया जा सकता है। जिलधिकारी श्री सिंह ने सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस को पालन करवाने के लिए हर संभव कोशिश की। लॉक लॉकडाउन के समय लोगों को कोई दिक्कत ना हो इस बात का भी पूरा ध्यान रखा गया। जरूरी सामानों की आपूर्ति के लिए जो व्यवस्था प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की गई थी उसकी यहां प्रशंसा भी हुई।
कोरोना महामारी से लड़ने का असली समय अब आया है। लॉकडाउन के बाद ठप्प जिंदगी नई उम्मीदों के साथ फिर शुरू हो चुकी है। तो सारे नियम कानूनों की धज्जियां आखिर क्या उड़ाई जा रही है ना तो दुकानदार नियम कानूनों का पालन कर रहे हैं और ना ही खरीददार। वाहन हो या फिर खाने-पीने की दुकानें सभी में सोशल डिस्टेंस नहीं अपनाया जा रहा। मुंह में मास्क लगाना जैसे लोग भूल चुके हो।
समय एक साथ चलने का है समय के साथ चलना ही हमारी कामयाबी है। जिला अधिकारी संजीव सिंह द्वारा की गई अपील को जिंदगी के साथ अपनाने की जरूरत है। इसी अपील को अपनाने के बाद कोरोना को हराया जा सकता है। सवाल आम जनता से है जब लॉक डाउन के बाद अपनी जिंदगी को पुनः जिनी शुरू कर दी है तो ऐसे में जिला अधिकारी द्वारा बताए गए नियमो को आखिर क्यों नहीं मान रहे।