ALL राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य राजनीति अपराध विशेष विज्ञापन दुनिया कोविड-19 (कोरोना वायरस)
जिला अस्पताल में पुनः शुरू हुआ पोषण पुनर्वास केंद् 
June 23, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

- सीडीओ के निर्देश पर कुपोषित बच्चों का शुरू हुआ इलाज

फतेहपुर।
कोरोना के चलते जिला अस्पताल में बने पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों को भर्ती करने का काम बंद कर दिया गया था। हालांकि शासन के निर्देश के बाद फिर से कुपोषित बच्चों को पूरी सावधानी के साथ भर्ती किया जा रहा है। 
जिला अस्पताल के एनआरसी सेंटर में कोरोना के बाद से अब तक 9 कुपोषित बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। शहर क्षेत्र के आबूनगर की रहने वाली अनीता देवी की पुत्री जानकी, गडरियनपुरवा निवासी देवकरन की बेटी रानी, खजुहा के रहने वाले महेश के बेटे हिमांशु को कुपोषित होने पर भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। आरबीएसके की टीम और आंगनबाडी कार्यकर्ताओं की मदद से बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां पर एनआरसी प्रभारी डा रघुनाथ ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर बेहतर इलाज शुरू किया। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश के बाद अब पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों को भर्ती किया जा रहा है।  
बताते चलें कि पोषण पुनर्वास केंद्र में वर्ष 2019 से अब तक  351 कुपोषित बच्चों की सेहत में सुधार हुआ है। बच्चे को सेहतमंद बनाए 50 रूपये रोजाना पायें के नारे के साथ निशुल्क इलाज दवा और भोजन की सुविधा मिल रही है। सीडीओ सत्य प्रकाश ने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र पर बच्चों को सुधार के लिए भर्ती किया जाता है। बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए चल रही योजना का लाभ बच्चों को मिल रहा है। आंगनवाड़ी केंद्रों में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों का परीक्षण कर कुपोषित बच्चों को चिकित्सक की सलाह के अनुसार आहार दिया जाता है। ऐसे बच्चों की केयर के लिए बच्चों की मां को भी निशुल्क भोजन दिया जाता है। बच्चों का इलाज तब तक किया जाता है जब तक वह स्वस्थ ना हो जाए। छुट्टी होने के बाद के 15 दिन में केंद्र में बुलाया जाता है। पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती रानी की मां पूजा ने बताया कि उनकी बच्ची बहुत कमजोर है  भूख नहीं लगती थी आंगनबाडी सावित्री की मदद से यहां जांच कराई फिर बच्चे को भर्ती कर इलाज चल रहा है। बच्चे की सेहत में सुधार हो रहा है। 

इनसेट 
यूनीसेफ के डिवीजनल रिसोर्स परसन पवन कुमार मिश्रा ने बताया कि केंद्र में जीरो से पांच साल तक के बच्चों का 15 फीसद वजन बढने तक इलाज होता है। बच्चे और मां को निशुल्क भोजन के साथ मां के खाते मे पचास रूपये प्रतिदिन की दर से दैनिक भत्ता मिलता है। इसी के साथ निशुल्क जांच इलाज व दवाएं आने और जाने के लिए तीन सौ रूपये किराया भी दिया जाता है।