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घटता जल स्तर चिंता का विषय - एडवोकेट सिद्धार्थ पटेल
October 17, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

घटता जल स्तर चिंता का विषय - एडवोकेट सिद्धार्थ पटेल

अमौली (फतेहपुर)।पिछले 30-35 सालों से अमौली क्षेत्र का जलस्तर लगातार घटता चला जा रहा है। आज पूरा अमौली ब्लाक डार्क जोन में आ गया है। जल स्तर के घटने का प्रमुख कारण क्षेत्र की छोटी नहरों (बम्बा) में पानी  का न आना है। 1990 के पहले बम्बा चलता रहता था तो इससे खेतों की सिंचाई होती थी जिसके कारण वॉटर लेबल ठीक बना रहता था। जब से बम्बा में पानी आना बन्द हुआ,तब से किसान सिंचाई के लिए पूरी तरह से नलकूपों पर आश्रित हो गए और नलकूपों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी होती रही। जिसके कारण भूमिगत जल का तेजी से दोहन हुआ और क्षेत्र में जल का स्तर 120-130 फुट से अधिक पर पहुँच गया है। जिसके परिणामस्वरुप शासन ने अमौली क्षेत्र को डार्क जोन घोषित कर दिया। शासन ने क्षेत्र को डार्क जोन में तो डाल तो दिया,लेकिन इसके सुधारने के लिए कोई ठोस प्रयास नही किए,जिसके कारण जल स्तर दिन प्रतिदिन गिरता चला जा रहा है। यदि किसी तरह से नहरों बम्बों में पुन: पानी आने लगे तो जल स्तर में सुधार सम्भव है। लेकिन पानी का इटावा औरेया बड़ी कैनाल से लाना सम्भव नही है। इसके लिए यदि रिन्द नदी से बड़े मोटर पम्प( जैसा असोथर-धाता में यमुना नदी में पम्पों द्वारा नहर निकाली गई है) के द्वारा कोड़ा जहानाबाद के पास से मात्र एक किमी लम्बी लिंक नहर बनाकर जहानाबाद बम्बा में पानी की आपूर्ति की जाए। रिन्द नदी से पानी बम्बे तभी  डाला जाए जब पानी नदी में अतरिक्त हो।बरसात के दिनों में रिन्द नदी का पानी यमुना नदी में व्यर्थ बह कर चला जाता है और साथ ही रामगंगा नहर का अतिरिक्त जल भी रिन्द नदी में डाल दिया जाता है,वह भी बहकर चला जाता है।यदि इस अतिरिक्त जल व्यर्थ में बह जाने के बजाय इसका उपयोग क्षेत्र के सिंचाई के हेतु किया जाय तो जल स्तर न बढ़े तो मेनटेम बना रह सकता है। क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों व जनता से अनुरोध है कि अमौली ब्लाक के बम्बों में रिन्द नदी से लिंक कैनाल बनाकर जुड़वाने के शासन स्तर पर प्रयास करें। जिससे जल स्तर को गिरने से रोका जा सके और भविष्य में आने वाली गम्भीर खतरे से निपटा जा सकता है ।