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गलत ऑपरेशन से महिला की हालत बिगड़ी, डॉक्टर व स्टाफ ने परिजनों को पीटा
September 25, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

गलत ऑपरेशन से महिला की हालत बिगड़ी, डॉक्टर व स्टाफ ने परिजनों को पीटा

जहानाबाद (फतेहपुर)।महिला के बच्चेदानी के ऑपरेशन के दौरान पेशाब की थैली काट दी गई जिससे महिला मरणासन्न हो गई है शिकायत करने गए परिजनों को डॉक्टर एवं स्टाफ ने गाली गलौज किया और मारा पीटा मामला कानपुर देहात के अकबरपुर का।


प्राप्त सूचना के अनुसार पुष्पा देवी पत्नी शिवचंद निवासी ग्राम बीगाही, थाना अकबरपुर, जिला कानपुर देहात को 26 जुलाई 2020 को गर्भाशय में तकलीफ हुई तो पुष्पा ने स्थानीय नेशनल हॉस्पिटल अकबरपुर में 29 जुलाई 2020 को अपना परीक्षण कराया पुष्पा के अनुसार कूट रचित परीक्षण के कागजात के आधार पर पुष्पा की बच्चेदानी में गांठ बता कर डॉक्टर संतोष एवं डॉ जहीर अहमद ने ऑपरेशन की सलाह दी और लगभग ₹50000 खर्च बताया, उसके पति शिवचंद ने पैसों की व्यवस्था करके अस्पताल में जमा किया तब डॉक्टरों द्वारा बताया गया कि खून की कमी है ₹20000 और लगेंगे शिवचंद के द्वारा पुनः ₹20000 नेशनल हॉस्पिटल अकबरपुर में जमा करा दिए गए उसके बाद 2 अगस्त को डॉक्टर संतोष एवं डॉक्टर जहीर अहमद के द्वारा भयंकर नशे की हालत में पुष्पा के पेट का ऑपरेशन किया गया ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों के नशे में होने के कारण लापरवाही बरतते हुए पुष्पा की पेशाब की थैली काट दी गई जिससे पुष्पा को पेशाब के साथ खून आने की समस्या पैदा हो गई कई बार कहने के बाद भी 11 अगस्त को अस्पताल से पुष्पा की छुट्टी कर दी गई और बताया गया कि दवा खाओ धीरे धीरे ठीक हो जाएगा परंतु खून आना बंद ना होने पर पुनः स्थानीय स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नीतू मिश्रा को दिखाया गया और उनकी सलाह पर विकास डायग्नोस्टिक अशोक नगर कानपुर से पुनः जांच कराई गई जिसमें पता चला कि पुष्पा की पेशाब की थैली कट गई है जिसके चलते परेशानी आ रही है परिजनों ने जब डॉक्टर संतोष और डॉक्टर जहीर खान से इसकी शिकायत की तो उन्होंने और उनके स्टाफ ने परिजनों को भद्दी भद्दी गालियां दी और मारपीट कर धक्के मार कर अस्पताल से निकाल दिया जिसकी सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी कानपुर देहात एवं अकबरपुर पुलिस को भी दी गई परंतु इस संबंध में अभी तक अस्पताल या डॉक्टर के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है शिवचंद ने बताया कि हम एक निहायत गरीब आदमी हैं और मेरी पत्नी मरणासन्न अवस्था में पड़ी हुई है मेरे पास पैसे नहीं है कि मैं इलाज करा सकूं अकबरपुर के डॉक्टरों ने हैलट अस्पताल कानपुर के लिए रिफर कर दिया है जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी कानपुर से इस संबंध में जानकारी करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं उठा अकबरपुर पुलिस भी टालमटोल कर रही है जिसके चलते गरीब को न्याय की उम्मीद नहीं लग रही है और वह न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है।