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गाजीपुर से अशोथर विजयीपुर जाने वाला मार्ग अब तक राजनीति का रही शिकार
August 24, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

 

कमीशन बाजी पर फिर यदि मोलभाव हुआ तो त्रिशंकु बन सकता है मार्ग

फतेहपुर।गाजीपुर से असोथर विजयीपुर जाने वाला मार्ग क्या अब गड्ढा मुक्त हो पाएगा? यह सवाल मार्ग का टेंडर होने के बाद भी उठ रहे हैं। बार-बार सवाल पूछना भी जायज है। मामला एक दशक पहले का है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति पर कई बार राजनीतिक दल के नेता आंसू बहा चुके हैं लेकिन मार्ग हमेशा अपनी बेबसी और खस्ताहाल हालात पर खुद आंसू बहाता रहा है।
         *गाजीपुर कस्बे* से असोथर और फिर विजयीपुर जाने वाला मार्ग यमुना तटवर्ती इलाके का मुख्य मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोगों का आना जाना होता है और यह मार्ग फतेहपुर मुख्यालय से सीधा जोड़ता है। सैकड़ों गांवों की लाइफ लाइन कहा जाए तो गलत नहीं होगा। फिर भी अब तक केवल इस मार्ग के बारे में सत्ता दल के नेताओं द्वारा चिंता ही जाहिर की गई है लेकिन मार्ग की खस्ताहाल स्थति को ठीक नहीं किया गया। अब जब एक बार फिर टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो यहां के लोगों के बीच नई उम्मीद जागी है। लोगों के बीच इस बात की भी आशंका है कि कहीं कमीशन बाजी के मोल भाव में सड़क की मरम्मत का काम पुनः ठप्प न हो जाए। ऐसी कशमकश स्थिति से लोग अभी भी निकल नहीं पा रहे हैं।
      *गाजीपुर से असोथर विजयीपुर* जाने वाला मार्ग 33.775 किलोमीटर लंबा है। इस बार मार्ग की मरम्मत को लेकर23से 34 करोड़₹ शासन द्वारा स्वीकृत किया गया है। इतनी बड़ी रकम स्वीकृत हो जाने के बाद काम की शुरुआत होने की बात लोगों द्वारा बताई गई है। जिस तरह की शुरुआत हुई है वह लोगों के बीच नई उम्मीदें नहीं जगा पा रही,क्यो की शुरुवात ही मुरझाई हुई है। जिसे सुस्त शुरुवात कहा जा सकता है। सड़क की दुर्दशा पर समाजवादी पार्टी से लेकर भाजप द्वारा जमकर राजनीति की गई है। राजनीत का जो सिलसिला इस सड़क को लेकर जारी हुआ वह सिलसिला अभी भी नहीं रुका यदि इस बार फिर कमीशन को लेकर मोलभाव हुआ और राजनीति की गई तो सड़क गड्ढा मुक्त तो नहीं हो पाएगी लेकिन राजनीति जरुर होती ही रहेगी।
*दो विधानसभा* क्षेत्र के लोग बराबर सवाल पूछते रहते हैं की सड़क को लेकर राजनीति होती रहेगी या फिर इसकी मरम्मत।