ALL राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य राजनीति अपराध विशेष विज्ञापन दुनिया कोविड-19 (कोरोना वायरस)
गाजीपुर कस्बे में फल-फूल रहा लाटरी का अवैध कारोबार
September 23, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

गाजीपुर कस्बे में फल-फूल रहा लाटरी का अवैध कारोबार

फर्जी नाम,पते पर वेबसाइट बनाकर करते है खेल

 अवैध गोरखधंधे में फंस कर ग्रामीण लुटा रहे है अपनी गाढ़ी कमाई

गाजीपुर(फतेहपुर)।अवैध लॉटरी का कारोबार कस्बे में एक बार फिर गर्म हो गया है,लंबे समय से बंद पड़ा अवैध लाटरी का गोरखधंधा शासन व प्रशासन का आशीर्वाद मिलते ही एक बार फिर फलने-फूलने लगा है।लाटरी का सारा काम सेटिंग से किया जा रहा है।अवैध लाटरी का कारोबार खुलने से लोगो की जेबो में डाका डालने की कवायद शुरू हो चुकी है।लोग रातों रात अमीर बनने के सब्जबाग देखकर इनका शिकार हो रहे है।यह सारा खेल जिम्मेदारों के नाक के तले हो रहा है।मुख्य चौराहे से मात्र 100 मीटर की दूरी पर बहुआ मार्ग स्थित एक स्थान पर सुबह से लेकर शाम तक एक कॉपी पेन के सहारे लोगो को मूर्ख बनाने का हथकंडा अपनाया जाता है।
बताते चले कि प्रतिबंध के बावजूद कस्बे में जिम्मेदारों के नाक के नीचे अवैध लाटरी का धंधा फलफूल रहा है इस गोरखधंधे के जरिये लोगो को मालामाल करने का लालच दिया जा रहा है।खासकर अलग अलग स्थानों में संचालित इस धंधे में भोले भाले लोगो को मामूली हिस्से का लालच दे कर संचालन करवाया जा रहा है।इससे न सिर्फ सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है बल्कि लोग अपनी गाढ़ी कमाई को भी गवां रहे है।चंद मिनटों में लखपति बनने के लालच में कस्बे के भोले भाले युवक लाटरी की खरीदारी कर रहे है।लेकिन स्थानीय नगर रक्षकों का इस ओर ध्यान नही जा रहा है।

*नही हो रही कार्यवाही*

-लाटरी का धंधा प्रतिबंधित होने के बावजूद कारोबारी बेखौफ है,और खुलेआम गाजीपुर कस्बे में अपने मंसूबो को अंजाम दे रहे है।स्थानीय पुलिस ऐसे लोगो पर कोई कार्यवाही नही कर रही है।बहुआ मार्ग में खुलेआम लोगो को लाटरी खरीदते,व खेल खेलते आसानी सेदेखा जा सकता है।लोगो ने लॉटरी कारोबार के इस अवैध कारोबार पर नकेल कसने की मांग की है।

*अवैध कारोबार का तेजी से शिकार हो रहे ग्रामीण*

सूत्र बताते है कि इस गोरखधंधे से जुड़े कारोबारी खुद लखपति बन चुके है जब कि लाटरी खरीदने वाले लोग मेहनत की गाढ़ी कमाई गवां रहे है खासकर आटोरिक्शा चालक,फुटपाथी दुकानदार,आदि इन कारोबारियों की जाल में आसानी से फंस रहे है।
शुरुआत में चंद रुपये जीतकर लोग इन कारोबारियों से जुड़ रहे है और फिर बाद में धीरे धीरे अपनी गाढ़ी कमाई गवांते जा रहे है।