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एससी एसटी मुकदमे में फसाए जाने पर युवक परिवार समेत धरने पर बैठा
June 19, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

न्यूज़ ऑफ फतेहपुर

रायबरेली एससी एसटी मुकदमे के तहत फसाए जाने को लेकर पीड़ित परिवार अपने बीवी बच्चों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय मे धरने पर बैठ गया। पीड़ित नारेंद प्रताप सिंह का आरोप है की पूर्व क्षेत्राधिकारी विनीत सिंह द्वारा भाजपा एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह व उनके भाई गणेश सिंह व पीड़ित के गांव प्रधान संतोष सिंह जो एमएलसी दिनेश सिंह के खास हैं ने अपने नौकर देशराज पासी के से मिलकर मनगढ़ंत व साजिश के तहत व राजनीतिक रंजिश के कारण फर्जी मुकदमा लिखवा दिया गया था। लेकिन बिना सही जांच के मांगी गई मोटी रकम न देने के कारण पीड़ितों के विरुद्ध फर्जी विवेचना पूर्ण कर चार्जशीट दाखिल कर दी गई। जबकि पीड़ित बार बार निष्पक्ष विवेचना किसी अन्य उच्चाधिकारी से कराने की गुहार लगाता रहा।
यही नहीं पीड़ित का आरोप है कि पूर्व सीओ विनीत सिंह द्वारा मुकदमे से बरी करने के लिये मोटी रकम मागी गई न देने पर मेरे विरूद्ध चार्जशीट न्यायालय भेज दी गई। वह कई बार पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चक्कर काट काट कर थक चुका है लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार ने बताया कि लॉकडाउन के पूर्व पूर्ण विवेचना कराने की मांग पुलिस अधीक्षक से की गई थी लेकिन वह मांग पत्र ही एसपी दफ्तर से गायब हो गई पीड़ित परिवार ने मांग की है कि हर 6 महीने बाद राजनीतिक दबाव में दर्ज कराए जा रहे मुकदमों पर विराम लगाया जाए और विवेचना पुनः करवाकर निर्दोष परिवार को बचाया जाए। वहीं जब मामले को अपर पुलिस अधीक्षक नित्यानंद राय से बात की गई तो उन्होने बताया कुछ लोग बाहर धरने पर बैठे हैं। जो अपने मुकदमे को लेकर अपनी बात रखना चाहते हैं। मामला वर्तमान क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र चतुर्वेदी के संग्यान मे आ गया है जो मामले को विवेचना मे शामिल कर विवेचना का निस्तारण करेंगे।