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एक साल बाद भी अपहृत किशोर को नहीं खोज पाई बकेवर पुलिस
October 7, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

एक साल बाद भी अपहृत किशोर को नहीं खोज पाई बकेवर पुलिस

----मुख्यमंत्री कार्यालय को हर जांच आख्या में रटा-रटाया पता किया जा रहा है

--जांच अधिकारी ने जवाब में थाना ही बदल दिया,कहा बिन्दकी में दर्ज है एफआईआर,स्वयं में एक प्रश्न चिन्ह?


 बिदकी फतेहपुर 
बकेवर थाना पुलिस की संदिग्ध कार्यप्रणाली के चलते 1 वर्ष पूर्व अपहृत  किशोर का अभी तक पता नहीं चला ।जब कि अपहरण कर्ता की पहचान भी एक सीसी फुटेज  हो गई थी ।पिछले एक वर्ष से अपहृत किशोर के माता पिता उच्चाधिकारियों की चौखट पर अनुरोध करते करते थक चुके हैं।
 मालूम हो कि कस्बा बकेवर से गत 4 सितंबर 2019 को सायं 5:00 बजे एक किशोर हर्षित उर्फ कल्लू 15वर्ष पुत्र देवेंद्र कुमार त्रिपाठी का अपहरण हो गया था। जिस पर थाना बकेवर पुलिस ने एक अज्ञात के साथ गुमशुदगी की एफ आई आर दर्ज किया था। इसके बाद से अभी तक पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंची ।जिससे अपहृत  किशोर के माता-पिता को हत्या की आशंका हो रही है ।प्रदेश के मुख्यमंत्री व मानवाधिकार आयोग सहित प्रदेश तथा जिले के अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र के बाद भी बकेवर पुलिस मामले की गलत जानकारी देकर उच्चाधिकारियों को भ्रमित कर रही है । किशोर के पिता देवेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री को दिए गए एक पत्र में बताया है कि गत 4 सितंबर 2019 को सायं 5:00 बजे कस्बे का ही ऋषि उर्फ भरोसे पुत्र रमाकांत जो कि एक शातिर चोर और प्रतिबंधित मादक पदार्थों का नशेबाज है साइकिल सहित उसे लिवा गया था। इसके बाद ऋषि उर्फ भरोसे तो वापस आ गया किंतु हर्षित उर्फ कल्लू का आज तक पता नहीं चला। दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार किशोर के अपहरण के 3 दिन बाद किशोर की साइकिल थाना बकेवर से 500 मीटर दूर बिजुरी रोड पर पुतानी यादव के बगीचे में एक झाड़ियों के बीच गड्ढे में पुलिस ने बरामद किया था जिसके साथ में एक गमछा व एक चप्पल भी बरामद हुई थी। साइकिल बरामद होने के बाद जब कस्बे में और खोज खबर की गई तो थाने से 50 मीटर की दूरी पर लगे एक ट्रैवल एजेंट की दूकान में लगे सीसीटीवी कैमरे से अपहर्ता का फुटेज भी बरामद हुआ। जिसमें अपहृत किशोर की साइकिल के पीछे अपहरणकर्ता युवक ऋषि उर्फ भरोसे बैठा हुआ जाता दिखाई दे रहा है ।इस के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार व उनका हमराह सिपाही नकीब खान जहानाबाद रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास बिहारी होटल में जाकर पूछताछ किया तो होटल संचालिका जहरी देवी ने बताया कि ऋषि उर्फ भरोसे अपने साथ में अपहृत लड़के को लेकर के आया था और वह एक चोरी का मोबाइल बेचने की बात करने लगा तो मैंने पूछा कि तुम कहां से इतने मोबाइल लाते हो। जो हर दूसरे दिन बेंचने आते हो।ऋषि उर्फ भरोसे ने कहा कि मेरे पास इतने मोबाइल है जितने तुम्हारी दूकान में नहीं है।
होटल संचालिका के अनुसार ऋषि उर्फ भरोसे अपने चाचा का फोन चोरी करके लाया था।उसी फोन को लेकर अपहर्ता ऋषि उर्फ भरोसे का चाचा और चचेरा भाई भी आया था जो फिर साथ में वापस गए थे। थाना बकेवर के निरीक्षक विनोद कुमार के समक्ष होटल संचालिका द्वारा दिए गए बयान का वीडियो भी है।
 अपहृत किशोर के पिता ने जब बकेवर पुलिस की कार्यप्रणाली संदिग्ध देखी तो मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता द्वारा की गई शिकायत के आधार पर जब मुख्यमंत्री कार्यालय ने जांच अधिकारी उपनिरीक्षक रविकांत राय से की गई कार्रवाई का ब्योरा तलब किया तो उपनिरीक्षक रविकांत राय ने मुख्यमंत्री कार्यालय को बताया कि मुकदमा बिन्दकी थाने में दर्ज है।यही रिपोर्ट उपपुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने फारवर्ड कर दिया। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी बकेवर पुलिस का रटा-रटाया शब्द है जांच की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार तत्कालीन थाना प्रभारी विनोद कुमार ने कथित आरोपी को दो महीने तक थाने में रख कर शौचालय निर्माण में निशुल्क काम कराया और मेस में खाना बनवाते रहे।इस दौरान आरोपी के पिता जो बकेवर बाजार ठेकेदार का ठेकेदार है से मेस की सब्जी की सप्ताह में दो दिन वसूली करते रहे। प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश के तहत तहबाजारी की वसूली किया जाना अवैध है परे प्रदेश में प्रतिबंधित है।
बकेवर पुलिस की कार्यप्रणाली स्वयं में संदिग्ध होने का प्रमाण दे रही है।
अपहृत किशोर के पिता ने पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों से कार्यवाही करके किशोर का पता लगवाकर अपहरण में सरीक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।