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दिल खोलकर मुक़दमा लिख़ने वाली कोतवाली पुलिस की चर्चा ज़ोरों पर 
September 6, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

 

दूसरे पक्ष की ओर से मुक़दमा कब 

फतेहपुर।वाह रे कोतवाली पुलिस दो पक्षों में हुई मामूली मारपीट को संगीन अपराध मान बैठी और एक पक्ष से मिली तहरीर पर 307 की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया। धारा 307 का मतलब जानलेवा हमला। जबकि अभी दूसरा पक्ष खाली हाथ है। उसकी ओर से अभी मारपीट का मुकदमा भी पंजीकृत नहीं किया गया। अब जब पुलिस ने यह कारनामा कर लिया है तो इसकी चर्चा होनी भी लाजमी है। लोग अपने-अपने तरीकों से इस मामले को सोच रहे हैं और यह कहने को मजबूर भी हैं कि जब भी कहीं बड़ी घटना हो जाती है तो पुलिस घटना के अनुसार मुकदमा दर्ज नहीं करती लेकिन इस मामूली झगड़े में ऐसा क्या हुआ कि पुलिस संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
यदि घटना पर एक नजर डालें तो दिन बुधवार का था तारीख 2 सितंबर की थी जब शहर के बीचोबीच स्थित उप निबंधक कार्यालय मैं जमीनों की रजिस्ट्री करने वालों की भीड सैकड़ों में थी। तभी दो गुट आपस में भिड़ गए। लेकिन किसी को क्या मालूम इस मामूली  मारपीट को पुलिस बड़ा अपराध मान बैठेगी। एक पक्ष द्वारा मिली तहरीर पर जांच करना भी उचित नहीं समझा और संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया उसमें 307 147 148 और 506 है।
दो भू माफियाओं के बीच हुई मारपीट के बाद अब राजनीति शुरू हो गई है। जिस दूसरे पक्ष को 307 का अपराधी बनाया गया है वह भी सत्ता के गलियारों में चक्कर लगाना शुरू कर दिया है लेकिन अभी उसकी एफ आई आर कोतवाली में दर्ज नहीं हो सकी। कोतवाली पुलिस इन दिनों एफ आई आर के नाम पर काफी उदार है कई मामलों में पुलिस ने अपनी उदारता का परिचय भी दिया है लेकिन यह उदारता कुछ ही मामलों में दिखती है जबकि वास्तविक घटनाओं पर पुलिस की उदारता कहीं भी नहीं दिखाई देती।
सवाल तो कोतवाली पुलिस से पूछना चाहिए कि जब सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में दो पक्षों के बीच मामूली मारपीट हुई तो संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करना कितना उचित है।