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देश में कोरोना वायरस वैक्सीन के ट्रायल में उत्तर प्रदेश से कानपुर शामिल
July 28, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

 

न्यूज़ आफ फतेहपुर

देश-दुनिया में कोरोना वायरस का संक्रमण काफी तेजी से बढ़ता ही जा रहा है और पूरे विश्व की निगाहें वैक्सीन और दवा पर टिकी हुई हैं। कई देशों में दवा बनाने को लेकर शोध जारी हैं तो कई देशों में वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो चुका है। इनमें भारत भी शामिल हो गया है और देश में सात जगहों पर कोरोना वायरस की वैक्सीन का ट्रायल होना है, इसके लिए उत्तर प्रदेश में कानपुर को भी चयनित किया गया है। कानपुर में कोरोना वायरस की वैक्सीन के ट्रायल तीन दिन बाद शुरू हो जाएंगे।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे, आइसीएमआर और एम्स दिल्ली की ओर से वैक्सीन पर काम किया जा रहा है। उन्होंने देश भर में 7 जगहों को टेस्टिंग के लिए चयनित किया, जिसमें एम्स दिल्ली, पटना, पीजीआइ रोहतक, निजामुद्दीन इंस्टीट्यूट ऑफ हैदराबाद, चेन्नई, हैदराबाद और कानपुर शामिल हैं। उत्तर प्रदेश से कानपुर शहर में कोराेना वायरस की वैक्सीन के ट्रायल के लिए 12 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। उनकी शुगर, किडनी, लिवर, एचआइवी, एचसीबी, आरटीपीसीआर समेत अन्य जांचों को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) दिल्ली भेजा गया है, जहां से रिपोर्ट आते ही गुरुवार या शुक्रवार को टेस्टिंग शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
शहर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रो. जेएस कुश्वाहा के निर्देशन में प्रखर हॉस्पिटल में ट्रायल किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ट्रायल में कोरोना से संक्रमित लोगों को शामिल नहीं किया गया है। पहली वैक्सीन के 14 दिन बाद दूसरी वैक्सीन लगाई जाएगी। जीरो से 14 और 14 से 28 दिन तक की शरीर में एंटीबॉडीज को देखा जाएगा। एंटीबॉडीज के अधिक तेजी से बढऩे का मतलब है कि, यह सही तरह से काम कर रही है। ट्रायल करने वाली टीम में 10 से 12 डॉक्टर शामिल हैं।