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देश में बड़े बांध बनाना अब बहुत मुश्किल, जल संरक्षण और बारिश से भूजल की रिचार्जिग पर जोर
November 12, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

नई दिल्ली, देश में जल सुरक्षा को लेकर सरकार बहुत गंभीर है। इसीलिए जल संरक्षण और बारिश के पानी को संरक्षित करने और भूजल की रिचार्जिग पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। बढ़ती आबादी, बारिश के बदलते पैटर्न और जलवायु परिवर्तन से भूजल संरक्षण ही एकमात्र उपाय है। 

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कहा 'देश में बड़े बांधों का निर्माण अब बहुत हो गया है। जबकि जमीन की कोख में अपार जल भंडार की क्षमता है।'शेखावत ने कहा कि इसीलिए सरकार एक्वेफर मैपिंग करा रही है, ताकि जल धारण करने वाली चट्टानों, रेत और मिट्टी की परतों का पूरा ब्यौरा तैयार किया जा सके। जलशक्ति मंत्री शेखावत बृहस्पतिवार को यहां मंत्रालय के एक समारोह में बोल रहे थे।

उन्होंने जल संरक्षण की दिशा में कराए जा रहे कार्यों का जिक्र करते हुए बताया कि 15वें वित्तायोग ने इसके लिए बहुत मदद की है। कुल 60 हजार करोड़ रुपए का आधा हिस्सा यानी 30 हजार करोड़ रूपए की आवंटन जल संरक्षण और स्वच्छता के लिए जारी कर दिया है। इससे जल क्षेत्र का सर्वागीण विकास करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा देश में फिलहाल बड़े बांध नहीं बना सकते हैं। भौगोलिक स्थितियां ऐसी हो गई हैं, जिसमें हम बांधों के निर्माण के लिए जगह नहीं मिल पाएगी। देश में फिलहाल 736 बड़े बांध हैं। बड़े बांधों के निर्माण में जहां बहुत सारे लोगों को विस्थापित करना पड़ता है, वहीं बहुत ज्यादा जमीन पानी में डूब जाती है। इसलिए भूजल की रिचार्जिग सबसे ज्यादा संभावना वाला क्षेत्र है। जल सुरक्षा का यह सबसे उपयुक्त उपाय है। 

जल जीवन मिशन की चर्चा करते हुए शेखावत ने कहा कि हर घर को नल से जलापूर्ति करने की योजना में सबसे ज्यादा जोर लोगों की आदतों में बदलाव करने पर भी है। पानी के दुरुपयोग न करने की हिदायत के साथ यह बताना की पानी सीमित है। पानी के सदुपयोगके बारे में लोगों को बताना बहुत जरूरी है। सरकार का लक्ष्य 2024 तक ग्रामीण क्षेत्र के हर घर तक नल से जलापूर्ति करने का है। उन्होंने कहा कि यह योजना लोगों के जीवन को बदलने वाली और देश में संपन्नता लाने वाली साबित होगी।