ALL राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य राजनीति अपराध विशेष विज्ञापन दुनिया कोविड-19 (कोरोना वायरस)
देश की अर्थव्यवस्था पर बोले रघुराम राजन अलर्ट हो जाये और भी ख़राब हो सकते है हालात
September 8, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर

 

मुंबई।रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता ज़ाहिर की है और जीडीपी के आकड़ों को लेकर लोगो को अलर्ट होजाने की नसीयत दी है. राजन ने अपने लिंक्डइन पेज पर एक पोस्ट में लिखा कि जब इनफॉर्मल सेक्टर के आंकड़े जोड़े जाएंगे तो इकॉनमी में 23.9 फीसदी की गिरावट और बदतर हो सकती है. उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को अमेरिका और इटली से भी ज्यादा नुकसान हुआ है. ये दोनों देश कोरोना वायरस महामारी (Covid-19 pandemic) से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे।सरकार द्वारा दी गई राहत नाकाफी राजन ने कहा कि जब तक वायरस पर काबू नहीं पाया जाता है तब तक भारत में विवेकाधीन खर्च (discretionary spending) की स्थिति कमजोर बनी रहेगी।उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक जो राहत दी है, वह नाकाफी है।उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में प्रोत्साहन पैकेज देने के लिए आज संसाधनों को बचाने की रणनीति पर चल रही है जो आत्मघाती है।सरकारी अधिकारी सोच रहे हैं कि वायरस पर काबू पाए जाने के बाद राहत पैकेज देंगे, वे स्थिति की गंभीरता को कमतर आंक रहे हैं. तब तक इकॉनमी को बहुत नुकसान हो जाएगा।अर्थव्यवस्था को एक मरीज की तरह देखा जाना चाहिए।राजन का कहना है कि अर्थव्यवस्था को एक मरीज की तरह देखा जाना चाहिए और उसे अभी इलाज की जरूरत है. उन्होंने कहा कि राहत के अभाव में छोटी और मझोली कंपनियां अपने कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ रहेंगी. उन कंपनियों के ऊपर कर्ज लगातार बढ़ रहा है और आखिर में उन्हें अपना परिचालन बंद करना पड़ जाएगा. उनका कहना है कि जबतक कोरोना वायरस पर काबू पाया जाएगा तक तक अर्थव्यवस्था पूरी तरह से डूब जाएगी. बता दें कि चालू वित्त वर्ष 2020-21 में अप्रैल-जून के दौरान अथर्व्यवस्था (GDP) में 23.9 प्रतिशत की अब तक की सबसे बड़ी तिमाही गिरावट देखने को मिली है. पिछली तिमाही के दौरान कृषि को छोड़कर विनिर्माण, निर्माण और सेवा समेत सभी क्षेत्रों का प्रदर्शन खराब रहा है दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में इससे पहले जनवरी-मार्च तिमाही में 3.1 प्रतिशत और पिछले साल अप्रैल-जून में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।