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दस हजार मासूम बच्‍चों पर खिलौने सी मुस्कान लाकर मिला नाम खिलौने वाले अंकल, जानिए पूरी कहानी
October 7, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

ग्वालियर। जिन्होंने बचपन से गरीबी, भुखमरी और घर में आर्थिक तंगी से कलह होते देखा हो उनके लिए शोरूम में सजे महंगे खिलौनों से खेलना एक सपना ही था। ऐसे ही 10 हजार बच्चों के चेहरे पर खिलौने सी मुस्कान लाकर एक शख्स उनका 'खिलौने वाला अंकल' बन गया। यहां हम बात कर रहे हैं इलेक्‍ट्रॉनिक कारोबारी और समाजसेवी हेमंत निगम और उनकी संस्था 'टॉयज फॉर टॉट्स' की। एक घटना ने उन्हें इस तरह प्रेरित किया कि उन्होंने दृढ़ संकल्प ले लिया कि उनके रहते कोई गरीब मासूम खिलौने के बिना नहीं रहेगा। इतनी ब़़ड़ी संख्या में खिलौने बांटने पर वर्ष 2019 में यह संस्था 'लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड' तक में अपना नाम दर्ज करा चुकी है। अब स्थानीय प्रशासन भी इनको सहयोग कर रहा है।टॉयज फॉर टॉट्स संस्था के अध्यक्ष व कारोबारी हेमंत निगम बताते हैं कि तीन साल पहले जब वे कार से माधव नगर के पास से गुजरे तो वहां टॉयज (खिलौने) शोरूम के बाहर दो बच्चों को बैठे देखा। लड़के और लड़की के शरीर पर तन ढंकने को भी पूरे कपड़े नहीं थे, वे शोरूम में रखी गुडि़या को निहार रहे थे। दोनों बच्चों के मां-पिता पास में ही मजदूरी कर रहे थे। उनके लिए खिलौना सिर्फ सपना ही था। बच्चों को जब बिस्किट दिए तो लेने से इन्कार कर दिया। फिर मुझे लगा रोटी-कपड़ा तो सब देते हैं, लेकिन मासूमियत को खिलौनों की जरूरत थी। इसके बाद खिलौने बांटने का निर्णय लिया।