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दलितों की राजधानी कही जाने वाली आगरा में शुरू हुआ मायावती का विरोध
October 7, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

दलितों की राजधानी कही जाने वाली आगरा में शुरू हुआ मायावती का विरोध

जगदीशपुरा इलाके में जलाए गए बसपा सुप्रीमो के पोस्टर व झंडे,

हाथरस के पीड़ित परिवार से मिलने न जाने पर भी जताया रोष,

आगरा जाटव महापंचायत के तत्वाधान में हुआ विरोध प्रदर्शन,

केवल ट्वीट कर देने से ही नहीं होगा दलित समाज का भला - रामवीर कर्दम

दलित उत्पीड़न करने वाली टोरेंट भी बसपा की ही देन

(न्यूज़)।दलितों की राजधानी आगरा में जाटव समाज का बीएसपी से मोहभंग होता नजर आ रहा है समाज के लोगों का कहना है कि अनुसूचित जाति के लोग आंख बंद कर बहन जी पर भरोसा करते हैं लेकिन समाज के ज्वलंत मुद्दों पर वह केवल ट्वीट कर काम चलाती हैं आगरा जाटव महापंचायत के अध्यक्ष रामवीर सिंह कर्दम ने कहा की एक और जहां तमाम राष्ट्रीय नेता हाथरस पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे मगर बसपा सुप्रीमो ने दलित बच्ची के पीड़ित परिवार से मिलने की जहमत नहीं उठाई बड़ी संख्या में मौजूद दलित समाज के लोगों ने जिस पर नाराजगी जाहिर की उन्होंने कई अन्य उदाहरण देते हुए बसपा मुखिया मायावती के पोस्टर जलाए और बसपा के झंडे जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।आगरा में जगदीशपुरा इलाका बीएसपी का गढ़ माना जाता है यहां बहुतायत में जाटव समाज के लोग रहते हैं जिससे मूल थे बसपा का वोटर माना जाता है लेकिन दलितों की राजधानी से बीएसपी मुखिया का विरोध केश्वर उठना बहुजन समाज पार्टी के लिए निश्चित रूप से चिंताजनक होगा जो बड़ी उम्मीद के साथ वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की सरकार में वापसी के सपने देख रही है प्रदर्शन करने वालों में कुलदीप सिंह बंटी कर्दम सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष मौजूद रहे।