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छोटे-छोटे मौरंग डम्पिग पर सितम,मानक से अधिक मौरंग डंपिंग करने वालों पर रहम
August 7, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश


 
मौरंग माफियाओं के आगे घुटने टेकने को मजबूर खनन विभाग

फतेहपुर।यमुना नदी में मौरंग खनन का मामला हमेशा विवादित रहा है। इस विवाद में खनन विभाग पर तरह-तरह के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन अब डंप की गई मौरंग को लेकर की जाने वाली कार्रवाई विवादों के घेरे में है। सड़क के किनारो पर किए गए छोटे-छोटे मौरंग डम्पो पर कार्रवाई तो हो रही है लेकिन जिन खनन माफियाओं ने प्राप्त किये गये लाइसेंस से अधिक मौरंग डम्प कर रखा है आखिर उन पर मेहरबानी क्यों की जा रही है। यह सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
फतेहपुर जनपद गंगा और यमुना नदी के बीच बसे होने के बाद यहां मौरंग का कारोबार काफी अरसे से फल फूल रहा है। यमुना नदी से निकलने वाली  मौरंग पर हमेशा खनन माफियाओं का कब्जा रहा है। समय-समय पर जिला प्रशासन द्वारा अवैध मौरंग खनन को लेकर कार्यवाही भी की गई है। लेकिन लंबी पकड़ के धनी मौरंग माफिया कहीं ना कहीं अपने उद्देश्यों पर कामयाब होते रहे हैं। अब जब मौरंग खनन का काम बंद हो गया है तो इनके द्वारा मौरंग की कि गई डंपिंग चर्चा का विषय रही है। संबंधित विभाग की मेहरबानी से निर्धारित घन मीटर से अधिक और बस्ती से नजदीक मौरंग डम्प किया गया हैं फिर भी इन खनन माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करना तो दूर डंप  के नजदीक पहुंचना भी संबंधित विभाग अपनी सेहत के लिए अच्छा नहीं समझते।
अब जब जिला प्रशासन के आला अधिकारी ने ओवर डंपिंग को लेकर कार्रवाई किए जाने का फरमान जारी किया तो इस कारोबार में लगे छोटे-मोटे लोगों पर कार्रवाई कर सम्बंधित अधिकारी अपना पल्लू झाड़ना चाह रहे है। जबकि अभी भी मौरंग माफियाओं ने नियम कानूनों को धता बताकर मौरंग की बिक्री धड़ल्ले के साथ कर रहे हैं। और मौरंग के बड़े-बड़े ढेर देखे जा सकते हैं।
जनपद में जारी किए गए मौरंग डंपिंग के 21 लाइसेंसों में क्या मानक के अनुसार ही मौरंग डंप किया गया है? यहां मौरंग के बड़े-बड़े ढेर खुद ही अपनी कहानी बता रहे हैं। फिर भी ऐसे लोगों पर खनन विभाग कार्रवाई भी नहीं कर रहा,यहां तक जांच की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहा। सवाल इस बात को लेकर पूछे जा रहे हैं कि छोटी-छोटी मछलियों को कब तक निशाना बनाया जाएगा आखिर बड़ी-बड़ी मछलियां कार्रवाइयों के घेरे में कब आएंगी।