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छत्तीसगढ़: मेडिकल कॉलेज अस्पताल में निःशुल्क चिकित्सा सेवा देंगे इस शहर के मेयर
September 17, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

अंबिकापुर के मेयर डॉ अजय तिर्की मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में सेवाएं देंगे। उन्होंने बुधवार को एक कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से अपनी यह मंशा जाहिर की। स्वास्थ्य मंत्री ने हरी झंडी भी दे दी है। हालांकि शहर के मेयर डॉ तिर्की जनप्रतिनिधि निर्वाचित होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं और कई ऐसे मौके आए जब देर रात कोई चिकित्सक नहीं था तो खुद दुर्घटना में गंभीर मरीजों का ऑपरेशन किया है।

मेयर डॉ तिर्की अस्थि रोग विशेषज्ञ हैं। उन्होंने बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में बतौर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर वर्षों से सेवाएं दी हैं। तब यह इलाका डायरिया के लिए चर्चित था।

जब प्रमोशन के बाद स्थानांतरण अंबिकापुर जिला अस्पताल में हुआ तो महीनों तक लोगों ने इसके लिए आंदोलन किया था। अंबिकापुर शहर में वर्ष 2015 में जब उन्हें मेयर पद के लिए कांग्रेस ने टिकट दी तो उनकी धमाकेदार जीत भी हुई। दूसरी बार वह शहर के मेयर चुने जा चुके हैं। नगर नगर निगम में अपने कक्ष में बैठकर वे हर रोज दूरदराज से आने वाले मरीजों के साथ शहर के मरीजों का भी उपचार करते हैं।

इस बीच यदि अस्पताल से कॉल आया तो देर रात वहां भी ऑपरेशन के लिए पहुंच जाते हैं। मेयर डॉ तिर्की कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर शासकीय मेडिकल कालेज अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले, इस उद्देश्य से सेवाएं देना चाहते हैं। कोरोना संक्रमण काल में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आने वाले मरीजों को समय पर इलाज सुविधा मिले इस कारण उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से अनुमति मांगी है।

मेयर डॉ अजय तिर्की ने कहा कि मैं तो शुरु से ही अस्पताल में जाकर सेवाएं दे रहा हूं। मैं भ्रमण में भी जाता हूं तो अस्थि रोग से ग्रसित लोगों का हाल-चाल लेता हूं, उन्हें सलाह देता हूं किंतु अब अस्पताल में कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी है और कई ऐसी बातें भी आती हैं जिसे सुलझाने मुझे जाना ही पड़ता है। समस्याओं को लेकर लोगों के फोन आते हैं, इसलिए मैंने निर्णय लिया है कि एक जनप्रतिनिधि के नाते मैं मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी नजर रखूंगा और जरूरत पड़े तो लोगों का इलाज भी जैसे पहले करता था करता रहूंगा। निगम के कामकाज से समय निकालना आसान नहीं होता पर मैं मेडिकल कॉलेज अस्पताल जाते रहता हूं इसलिए मैंने स्वास्थ्य मंत्री से अनुमति मांग कर सेवा देने की इच्छा जाहिर की है।