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छत्तीसगढ़: गरियाबंद जिले में करंट लगने से हाथी की मौत, एक हफ्ते में तीसरा हादसा
September 29, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सोमवार को बिजली गिरने से एक हाथी की मौत हो गई। गरियाबंद के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) मयंक अग्रवाल के अनुसार, कुछ दिनों पहले 20 हाथियों का एक दल ओडिशा से छत्तीसगढ़ आया था। अग्रवाल ने कहा कि कल सुबह, ग्रामीणों ने खेत में एक मृत हाथी को देखा। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की।

अग्रवाल ने आगे कहा कि जांच के बाद, यह पता चला कि 11 किलोवोल्ट का तार खेत में लटका हुआ था, जिसके कारण हाथी पर बिजली का करंट लगा था। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। एक स्थानीय ने कहा कि हमारे पास कई बार तार को लेकर शिकायतें आती हैं लेकिन विद्युत विभाग ने हमारी शिकायत का जवाब नहीं दिया।

अग्रवाल ने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही से हाथी की मौत हुई। पिछले छह दिनों में रिपोर्ट की गई यह तीसरी घटना है। अन्य दो घटनाएं छत्तीसगढ़ के धरमजयगढ़ और महासमुंद क्षेत्रों में हुई थीं। पिछले चार महीनों में, छत्तीसगढ़ में विद्युतीकरण सहित कई कारणों से ग्यारह हाथियों की मौत हो गई है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में तीन दिन पहला एक हाथी की करंट लगने से मौत हो गई थी। दरअसल, महासमुंद में गर्भवती मादा हाथी का शव मूंगफली के खेत में मिला था। दरअसल, शिकारियों ने जंगल में जानवरों को पकड़ने के लिए करंट लगाकर तार बिछाया हुआ था। हथिनी इसी तार की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने ही वन विभाग को इसकी सूचना दी। 

वन विभाग को पिथौरा वन क्षेत्र के किशनपुर गांव में हाथी का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। इसके बाद एक घंटे में वन विभाग की टीम पहुंची। जब टीम ने जांच की तो मौके से उन्होंने जले हुए लकड़ी के टुकड़े और तार बारमद किए थे। हालांकि. हाथिनी गर्भवती थी या नहीं इसकी पुष्टी नहीं हो पाई थी।