ALL राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य राजनीति अपराध विशेष विज्ञापन दुनिया कोविड-19 (कोरोना वायरस)
चेकिंग के दौरान एसएसपी ने मांगा विद्युतकर्मी से आईडी कार्ड तो बिजली कर्मचारी ने शहर की लाइट कटवाकर दी अपनी पहचान
August 23, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर

 

वाराणसी। वाराणसी में पुलिस चेकिंग के दौरान ऐसा वाकया हुआ, जिसे देखकर न केवल वाराणसी के एसएसपी हैरान हो गए जबकि वहां मौजूद सभी पुलिसकर्मी भी दंग रह गए. अब ये किस्सा हर शहरी की जुबां पर है।

दरअसल मामला वाराणसी के लंका थाना इलाके का है जहां वाराणसी के एसएसपी अमित पाठक फोर्स के साथ रात करीब 2:00 बजे चेकिंग कर रहे थे। तभी वहां से बिजली विभाग के कर्मचारी संजय सिंह बाइक से निकला. फोर्स ने रोककर पूछताछ की तो संजय सिंह ने बताया कि वो बिजली विभाग में कार्यरत हैं।

फोर्स ने पहचान पत्र मांगा तो संजय सिंह नहीं दे सके। इसी बीच पुलिसकर्मी और संजय सिंह में बहस होने लगी. मामला वहां खड़े एसएसपी के पास पहुंचा तो एसएसपी ने भी आईडी कार्ड दिखाने की बात कही. इस बात से संजय सिंह इतना तैश खा गए कि उसने कहा कि मैं अपनी पहचान अभी साबित कर देता हूं।
उसके बाद जो हुआ तो सभी हैरान रह गए. संजय सिंह ने करौंदी उपकेंद्र पर फोन किया और रात दो बजकर 13 मिनट पर बिजली कटवा दी. पूरा इलाका अंधेरे में और एसएसपी समेत पूरा फोर्स स्तब्ध। 4 मिनट तक पूरा इलाका अंधेरे में रहा. इसके बाद फोन करके 2:17 पर सप्लाई चालू करा दी। 
एसएसपी अमित पाठक ने इसकी शिकायत पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी से की. एमडी ने अधीनस्थ अधिकारियों से जांच का आदेश दिया. जांच में आरोपी सही पाए गए. पता चला कि संजय सिंह के कहने पर करौंदी उपकेंद्र पर तैनात रामलखन से बिजली कटवा दी। 
जबकि लॉगबुक पर न तो बिजली काटने और जोड़ने का समय दर्ज है बल्कि कारण भी लिखा नहीं मिला. यही नहीं, बिना ब्रेकडाउन लिए बिजली सप्लाई काटी और चालू की गई।

जांच के बाद दोनों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। यही नहीं दोनों के खिलाफ लंका थाने में एफआईआर दर्ज की गई. अब बिजली विभाग के एमडी ने सख्त आदेश दिया है कि बगैर लॉगबुक में दर्ज किए कोई भी कर्मचारी अगर बिजली सप्लाई बाधित करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी नौकरी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।