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चीन से तनाव के बीच भारत और जापान की नौसेनाएं अरब सागर में कर रहीं जटिल सैन्य अभ्यास
September 27, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

नई दिल्ली, चीन से सीमा को लेकर जारी तनाव के बीच भारत और जापान की नौसेनाओं ने तीन दिवसीय सैन्य अभ्यास के पहले दिन शनिवार को उत्तरी अरब सागर में कई जटिल अभ्यास किए। लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए एक-दूसरे के बेस का इस्तेमाल करने संबंधी नौ सितंबर को किए सैन्य समझौते के बाद दोनों सामरिक साझीदारों के बीच यह पहला सैन्य अभ्यास है। हिंद महासागर और हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीनी सेना की आक्रामकता के कारण बढ़ती चिंताओं की पृष्ठभूमि में भारत-जापान के इस नौसैनिक अभ्यास 'जिमेक्स' का आयोजन किया जा रहा है।

'जिमेक्स' श्रृंखला के अभ्यास की शुरुआत जनवरी, 2012 में नौसैनिक सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के मकसद से हुई थी। इसके पिछले संस्करण का आयोजन विशाखापट्टनम तट पर अक्टूबर, 2018 में किया गया था।नौसेना प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान अभ्यास में भारत की ओर से स्वदेश निर्मित स्टील्थ डिस्ट्रायर 'चेन्नई', टेग क्लास स्टील्थ फ्रिगेट 'तरकश' और फ्लीट टैंकर 'दीपक' ने हिस्सा लिया। जबकि जापानी नौसेना की ओर से इजुमो क्लास हेलीकॉप्टर डिस्ट्रायर 'कागा' और गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रायर 'इकाजुची' ने हिस्सा लिया। इनके आलावा गश्ती वायुयानों, हेलीकॉप्टरों और युद्धक विमानों ने भी अभ्यास में हिस्सा लिया।

मालूम हो कि इसी हफ्ते भारत और आस्ट्रेलिया की नौसेनाओं ने हिंद महासागर क्षेत्र में युद्धाभ्यास किया था। जबकि जुलाई में भारतीय नौसेना ने अमेरिका के साथ युद्धाभ्यास किया था। बता दें कि चीन के साथ सीमा विवाद के मद्देनजर भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी तैनाती बढ़ा दी है और वहां कई युद्धपोत और पनडुब्बियों को तैनात कर दिया है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया नौसेनाओं का संयुक्त अभ्यास

वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ चल रहे तनाव के बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाओं ने बुधवार से हिंद महासागर में दो दिवसीय संयुक्त अभ्यास किया। अभ्यास के दौरान दोनों सेनाएं जटिल नौसैनिक कौशल, विमान विरोधी ड्रिल और हेलिकॉप्टर अभियानों की पूरी रेंज के साथ उतरी हैं। जून से अब तक यह भारतीय नौसेना की चौथी अहम सैन्य ड्रिल है। इससे पहले अमेरिका, जापान और रूस के साथ ठीक ऐसा ही नौसैनिक अभ्यास पूरा किया जा चुका है।