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चीन ने बना ली कोरोना की सुपर वैक्सीन
November 22, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

चीन ने बना ली कोरोना की सुपर वैक्सीन

 10 लाख लोगों में किसी को नहीं हुआ साइड इफेक्ट

(न्यूज़)।चीन ने कोरोना की एक सुपर वैक्सीन बनाने का दावा किया है. यह वैक्सीन 10 लाख लोगों को दी जा चुकी है, लेकिन किसी में कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं दिखा है. इस टीके को लगवाने वाले शत प्रतिशत लोगों के कोरोना से संक्रमित नहीं होने के कई उदाहरण दिए गए हैं. इसलिए इस वैक्सीन को सुपर वैक्सीन करार दिया जा रहा है।.
हालांकि, चीनी कंपनी सिनोफार्म द्वारा विकसित इस टीके के परीक्षण का अंतिम चरण अभी नहीं पूरा हो पाया है, लेकिन चीन की सरकार ने आपात स्थिति में इस प्रायोगिक टीके को मरीजों को लगाने की अुनमति दे दी है. चीन की दिग्गज दवा कंपनी सिनोफार्म के चेयरमैन लियू जिंगजेन ने कहा कि जिन लोगों को वैक्सीन दी गई है उनमें गंभीर विपरीत प्रभाव नहीं दिखे, कुछ लोगों ने केवल मामूली परेशानी की शिकायत की।.
बहुराष्ट्रीय कंपनी के चेयरमैन ने कहा- हम विदेश में स्थित अपने एक कार्यालय में कार्यरत 99 कर्मचारियों में से 81 लोगों को यह टीका दिया था, कार्यालय में कोरोना फैलने पर पाया गया कि जिन लोगों को टीका दिया गया था उनमें से कोई संक्रमित नहीं हुआ, लेकिन टीका नहीं लगवाने वाले 18 में से 10 लोग संक्रमित मिले.
*टीका अध्ययन में दावा..*
टीका लगवाने वाले मजदूर-छात्र और राजनयिक सुरक्षित
चेयरमैन लियू ने कहा कि आपात परिस्थिति में प्रायोगिक टीका केवल उन मजदूरों, छात्रों और राजनयिकों को लगाया गया जो महामारी के दौरान 150 से अधिक देशों की यात्रा पर गए. लेकिन टीकाकरण के बाद इनमें से किसी में संक्रमण नहीं देखने को मिला. गत 6 नवंबर को 56,000 लोगों ने चीन से बाहर रवाना होने से पहले टीका लगवाया।. 
*10 देशों में मानव परीक्षण*
सिनोफार्म कंपनी का टीका अभी तीसरे चारण के मानव परीक्षण से गुजर रहा है. इसका परीक्षण 60 हजार लोगों पर 10 देशों में किया जा रहा है. इन देशों में यूएई, बहरीन, मिस्र, जॉर्डन, पेरु और अर्जेंटीना शामिल हैं. सिनोफार्म कंपनी एक साथ कोरोना के दो टीके विकसित कर रही है. इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों में से कौन सी वैक्सीन ज्यादा कारगर रही है.

*सेना के जवानों को टीका लगाने का दावा*
चीन में प्रायोगिक टीके के इस्तेमाल की अनुमति मिलने के बाद दवा कंपनी कैन सिनो बायोलॉजिक्स ने ऐलान किया कि उसे चीन की सेना के जवानों को भी प्रायोगिक टीका लगाने की विशेष अनुमति मिली है.

*फाइजर के दावे से रेस हुई तेज*
अमेरिकी कंपनी फाइजर ने जब से 95 फीसदी कारगर कोरोना वैक्सीन बनाने का ऐलान किया है, तब से कई देश कारगर वैक्सीन बनाने का दावा कर चुके हैं। अब इस रेस में चीन भी शामिल हो गया है. गत बुधवार को फाइजर ने कहा था कि उसकी वैक्सीन बुजुर्गों में भी 94.5 फीसदी कारगर है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है. इसके एक दिन पहले मॉडर्ना ने अपने टीके को 94.5 फीसदी कारगर बताया था।