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भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बलिया से पलायन करके दलित महिलाओं का हाई कोर्ट पर अनवरत धरना
October 8, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बलिया से पलायन करके दलित महिलाओं का हाई कोर्ट पर अनवरत धरना

39वें दिन भी धरना जारी।

पीडब्ल्यूएस परिवार के सामने आने पर जागे प्रशासन ने शुरू की जांच

एसओ ने एसडीएम द्वारा जबकि तहसीलदार ने हाई कोर्ट से स्टे बताया जिसे पीड़ित महिला ने अस्वीकार किया

प्रयागराज प्रशासन को उसके नाक के नीचे धरने की भनक तक नहीं

 प्रयागराज। एसओ, एसडीएम, डीएम आदि  पर भ्रष्टाचार के आरोप के साथ बलिया से पलायन करके प्रयागराज में आई दलित महिलाओं का हाई कोर्ट इलाहाबाद पर 39वें दिन भी धरना बदस्तूर जारी है जबकि न्यायोचित सहयोग हेतु सामाजिक संस्था परमेंदु वेलफेयर सोसाइटी के सामने आने के बाद जागे बलिया प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है हालांकि अभी भी प्रयागराज प्रशासन को अपनी नाक के नीचे अनवरत धरने की भनक तक नही है। 
जानकारी के अनुसार उपरोक्त प्रकरण में सामाजिक संस्था परमेंदु वेलफेयर सोसाइटी के सामने आने व इसके प्रबन्धक आर के पाण्डेय एडवोकेट से वार्ता के बाद बलिया प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। आज सुबह लगभग दस बजे फोन पर एसओ उभांव व एसडीएम बेल्थरा रोड तो कुछ भी स्पष्ट नही बोल सके लेकिन प्रकरण को नोट करके जांच का विश्वास दिलाया तथा आज ही दुबारा दिन में लगभग ढाई बजे एसओ व एसडीएम ने बताया कि स्वयं को पीड़ित बताने वाली महिला गीता रानी के पति ने अपने हिस्से से अधिक की जमीन बेच दी है तथा क्रेता द्वारा बाउंड्री के निर्माण को दो महीने पहले ही एसडीएम ने स्वयं मौके पर जाकर स्टे कर दिया है। उधर तहसीलदार  ने हाई कोर्ट से स्टे होना बताया है जबकि पीड़ित पक्ष का कहना है कि वह कभी हाई कोर्ट में कोई मुकदमा ही नही की तो स्टे कहां से आया? फिलहाल एसडीएम बेल्थरा रोड ने कल सुबह दस बजे तक पूरी रिपोर्ट देने का भरोसा दिया है। इस बीच एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी आया है कि धरनास्थल से महज लगभग पांच सौ मीटर की दूरी पर सिविल लाइंस थाना व प्रयागराज प्रशासन को अपनी नाक के नीचे चल रहे धरने की भनक नही है हालांकि पूरी बात सुनने के बाद एसओ सिविल लाइंस के सीयूजी नम्बर को उठाने वाले ने साहब के 11 अक्टूबर 2020 तक छुट्टी पर होना बताकर मामले को टाल दिया। इन सबके बीच बड़ा सवाल यह है कि बात-बात पर तिल का ताड बनाने वाले राजनैतिक दलों, समाजसेवी संस्थाओं, वकीलों आदि को यह प्रकरण दिखाई क्यों नहीं पड़ रहा है। फिलहाल एनजीओ परमेंदु वेलफेयर सोसाइटी के प्रबन्धक आर के पाण्डेय एडवोकेट ने न्यायोचित कार्यवाही कराने व शांतिपूर्ण समाधान में सहयोग का भरोसा दिलाया है।