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भूमि कब्जाने के मामले में मुकदमा हार गया पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल का परिवार
August 16, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

 

सहारनपुर।बेहट तहसील के ग्राम अकबरपुर में सार्वजनिक उपयोग और गोहर की भूमि पर अनधिकृत कब्जा करने के मामले में बसपा नेता हाजी इकबाल का परिवार अपील में भी मुकदमा हार गया है। 2018 में बेहट तहसीलदार न्यायालय ने इस केस में बेदखली का आदेश दिया था, जिसे अब जिला मजिस्ट्रेट की न्यायालय ने बरकरार रखा है।
दरअसल, बसपा नेता हाजी इकबाल के पिता अब्दुल वहीद के नाम से बने अब्दुल वहीद एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है। इस ट्रस्ट में बसपा एमएलसी महमूद अली पुत्र अब्दुल वहीद उपाध्यक्ष हैं, जबकि सचिव मोहम्मद वाजिद पुत्र मोहम्मद इकबाल हैं। ग्राम अकबरपुर की सार्वजनिक उपयोग और गोहर की भूमि को लेकर विवाद था और तहसीलदार बेहट न्यायालय में दो वाद 2017 में दर्ज हुए थे।
आरोप था कि सार्वजनिक उपयोग और गोहर की भूमि पर अनधिकृत कब्जा कर अपनी जमीन में शामिल कर लिया। 19 नवंबर 2018 को तहसीलदार न्यायालय बेहट ने मुकदमे की सुनवाई कर ट्रस्ट के पदाधिकारियों को जमीन से बेदखली का आदेश जारी किया था। साथ ही एक मुकदमे में बतौर क्षतिपूर्ति सर्किल रेट के पांच प्रतिशत प्रतिवर्ष के अनुसार 25 लाख और दूसरे मुकदमे में 4,71,500 रुपये सहित वाद व्यय और निष्पादन शुल्क के रूप में आरोपित किया था।

जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) अजय त्यागी ने बताया कि दोनों मुकदमों में हुए निर्णय के खिलाफ अब्दुल वहीद एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों की तरफ से जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में अपील दायर की गई। विगत 10 जुलाई 2020 को जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने आदेश जारी किया। इसमें तहसीलदार न्यायालय बेहट के निर्णय को गुण दोष के आधार पर सही मानते हुए बरकरार रखा गया है।