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भय मुक्त समाज के नारे की उडाई जा रही है धज्जियां   फर्जी मुकदमों से भयभीत दिख रहे हैं भूस्वामी
September 8, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

 

फतेहपुर।भू स्वामियों के खिलाफ पहले संगीन धाराओ में मुकदमा दर्ज कराओ फिर उनकी जमीन हथियाओ। ऐसा ही कुछ फॉर्मूला भू माफियाओं ने निकाला है। डरे सहमे  लोगों के  बीच कोई विकल्प ना होने के बाद मजबूरी में ही भू माफियाओं को अपनी जमीन सस्ते दामों में बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कल यानी 7 सितंबर को जो देखने को मिला वो भय पैदा करता है । पहले  भूस्वामी को मामूली झगड़े में 307 का अपराधी  बनाया गया। फिर उसकी जमीन हथियाई गई। कल जमीन की हुई रजिस्ट्री इस बात की गवाही चीख़ चीख  कर दे रही है।
 शहर में ही एक बेशकीमती जमीन का मामला है। एक सितंबर को भूस्वामी जमीन की बिक्री करने उप निबंधक कार्यालय आया था लेकिन वही कुछ भूमाफिया  आ धमके और दोनों पक्षों के बीच  मारपीट हो गई। मारपीट भी सुनियोजित थी। फिर क्या रहा पुलिस को अच्छा बहाना मिल गया । आव ना देखा ताव आनन-फानन में कोतवाली में 307 का मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया ।जिसमें भूस्वामी सहित 5 लोगों को नामजद किया गया। अब जब मामूली मारपीट का मामला 307 में पंजीकृत हो गया तो  भूस्वामी का इन भू माफियाओं के सामने घुटने टेकने को मजबुर होना पड़ा। 307 का अपराधी होने के बावजूद भी भू स्वामी ने 7 सितंबर को सब रजिस्टार के सामने उन्हीं भू माफियाओं को जमीन बेच दिया। अब तो साफ हो गया  कि पहले भूस्वामी को मुलजिम बनाओ  फिर उसकी जमीन हाथियो धन्य है भूमाफिया और धन्य है  इलाकाई पुलिस।
सवाल जिला मुख्यालय में बैठने वाले ऐसे वरिष्ठ अधिकारियों से है,जिनसे आम जनता की ढेरो उम्मीदें है तो फिर उनकी उम्मीदों में समय-समय पर पानी क्यों फेरा जा रहा है।