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भगवा कपड़े देख पुलिस नहीं मांगती पहचान पत्र और आधार कार्ड
August 14, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

 

चित्रकूट । धर्मनगरी हमेशा से अपराधियों के साधु चोले में छुपने के लिए मुफीद जगह रही है। उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश का बार्डर इनके लिए सुरक्षा कवच है। एक जगह पुलिस की गतिविधियां बढ़ने से यह दूसरे प्रदेश का रुख कर लेते हैं। भगवा कपड़े देख पुलिस इनसे न पहचान पत्र मांगती है और न आधार कार्ड। इससे भी इनकी पहचान नहीं हो पाती है। बिकरू कांड के आरोपी विकास दुबे के खास गुर्गे बाल गोविंद उर्फ लालू से पहले भी यहां कई अपराधी शरण ले चुके हैं।
अपराधियों ने कानून से बचने के लिए भगवा चोले और धर्मनगरी में ठिकाने को हथियार बना लिया है। धर्मनगरी यूपी और एमपी में है। एक जगह पुलिस के तलाश करने की भनक पर यह दूसरे प्रदेश में पहुंच जाते हैं। दोनों जगह मठ, मंदिर, धर्मशालाएं हैं। धर्मशालाओं और होटलों में भगवा चोले को ही पहचान पत्र और आधार कार्ड मान लिया जाता है। कभी पूछने पर यह साधु, संत होने की वजह से पहचान पत्र न बनवाने की दुहाई देने लगते हैं। यहां खतरा होने पर यह मठ और मंदिरों में शरण ले लेते हैं। यहां पुलिस की आमद भी कम होती है। धर्मनगरी में पहाड़ी क्षेत्र भी हैं। यहां लोग जगह- जगह झोपड़ी बनाकर रहते हैं। अपराधी यहां भी शरण ले लेते हैं। बड़ी वारदात होने पर भी पुलिस पहचान पत्र देखने का अभियान नहीं चलाती है। 50 हजार के इनामी बाल गोविंद के साधु भेष में भगवा वस्त्र पहनकर रहने के पीछे भी यही वजह रहीं। उससे पहले भी कई अपराधी यहां ठिकाना बना चुके हैं। पुलिस अभी सख्ती बरते तो कुछ और अपराधी गिरफ्त में आ जाएं, इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
 चित्रकूट से पकड़े गए बड़े अपराधी 
 इंदौर क्राइम ब्रांच टीम ने मार्च 2017 में शातिर अपराधी मनोज परमान को मंदाकिनी घाट से गिरफ्तार किया था।
 उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में 100 से ज्यादा महिलाओं का शोषण करने के आरोपी बाबा परमानंद को 24 मई 2016 को चित्रकूट से गिरफ्तार किया गया था। मालेगांव ब्लास्ट के आरोपी धन सिंह को एनआईए ने मध्य प्रदेश पुलिस की मदद से 16 दिसंबर 2012 को चित्रकूट से गिरफ्तार किया था।
कानपुर के बिठूर नौबस्ता निवासी कुलदीप को कानपुर पुलिस ने चित्रकूट के आश्रम के पास से 22 फरवरी 2020 को गिरफ्तार किया था। वह 25 हजार का इनामी था। पांच माह पहले पत्नी की हत्या कर यहां छिपा था।
5- कानपुर के बिकरू कांड के आरोपी बालगोविंद दुबे को यूपीएसटीएफ ने 11 अगस्त को परिक्रमा मार्ग के पास खोही तिराहे से पकड़ा है। उस पर 50 हजार का इनाम था।
ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा मिले: सीताशरण महाराज
संत समाज के पूर्व अध्यक्ष जानकी महल के महंत सीताशरण महाराज का कहना है कि अपराध करने वाले संत समाज के साथ घुल मिलकर उन्हें बदनाम करने का काम करते हैं। इन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। खुफिया विभाग को भी अलर्ट रहना चाहिए। मंदिरों में ठहरने वालों से स्थानीय संत और महंत पूछताछ करते रहते हैं। कानपुर के बालगोविंद दुबे के क्षेत्र के मंदिर में रहने की बात अभी साबित नहीं हुई है। एसटीएफ को यह बताना चाहिए कि वह किस मंदिर में रहता था।
पुलिस को और अलर्ट रहने की जरूरत: दिव्यजीवन दास
भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवन दास का कहना है कि बाहर से आने वाले अपराधियों की जानकारी पुलिस व खुफिया नहीं रखती है। इसी का अपराधी फायदा उठाते हैं। अगर कोई भगवा वस्त्र धारण कर समाज को धोखा दे रहा है तो उसे भगवान कड़ी सजा देते हैं। ऐसा चित्रकूट क्षेत्र में कई बार हो चुका है। स्थानीय साधु, संतों ने धर्मनगरी की पवित्रता को बरकरार रखा है। आगे भी बरकरार रखा जाएगा। पुलिस को और अलर्ट रहने की जरूरत है।