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भारतीय किसान यूनियन का बड़ा ऐलान 2 सितंबर को राधा नगर चौकी के पास होगी महापंचायत
August 26, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

किसानों को नहीं मिल पा रही सरकारी खाद किसान परेशान

कस्बा जोनिहा  क्षेत्र में बनी दो समितियां सालों से पड़ी बंद
 
समितियों में काम करने वाले कर्मचारियों की हालत खराब

बाजारों से खरीदनी  पड़ रही किसानों को खाद
 
जोनिहा (फतेहपुर)।कस्बा जोनिहा व शाहबाजपुर में बनी सहकारी समितियां सालों से पड़ी हुई है बंद जिसके चलते किसानों को खाद बीज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है किसान बाजारों से महंगे दामों पर खाद खरीद कर अपने खेतों पर डाल रहे हैं यह भी गारंटी नहीं होती कि मिलने वाली खाद बाजारों वाली सही होगी
 मरता क्या न करता किसान मजबूरी में उस खाद को खरीद कर अपने खेतों पर डाल रहे हैं सरकारें आती-जाती रहती हैं इससे पहले समाजवादी पार्टी की सरकार थी उससे भी पहले बीएसपी की सरकार थी अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार  है
    भारतीय जनता पार्टी की केंद्र और प्रदेश में सरकार होने के बाद क्षेत्र के किसानों को लगा था कि यह बंद समितियां दोनों जल्द ही चालू हो जाएंगी मगर इस सरकार में भी किसानों को मायूसी ही मिली है आज भी यह दोनों समितियां जस की तस बंद पड़ी हुई है समितियों में कंडा भूसा भरा हुआ है कस्बा जोनिहा में बनी गल्ला गोदाम वाली समिति टूटकर गिरने लगी है।
बरसों पहले जब यह दोनों समितियां चालू थी तो क्षेत्र के किसानों को सस्ते दामों पर खाद बीज तेल कपड़े बहुत ही आराम से मिल जाया करते थे मगर जैसे ही दोनों समितियां बंद पड़ी क्षेत्र में हड़कंप मच गया क्षेत्र के किसानों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है क्षेत्र के किसान आज बाजारों से महंगे दामों पर खाद और बीज खरीद कर इस्तेमाल कर रहे हैं
कोई गारंटी भी नहीं होती किए खाद और बीज असली होंगे या मिलावटी होंगे मगर किसान मरता क्या न करता जब समितियों में ताले ही पड़े हैं ।
 जैसे ही पूर्ण बहुमत की भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी थी तो क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर जरूर दौड़ी थी उन्हें लगा था कि यह बंद दोनों समितियां जल्द ही चालू हो जाएगी मगर सरकार के 3 साल पूरे होने वाले हैं आज तक इन समितियों की ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया गया ऐसा नहीं है कि इन समितियों के बंद होने की जानकारी सरकार को नहीं है कई बार समितियों में काम करने वाले कर्मचारियों ने विभाग को लिखा भी मगर आज तक किसी के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी समितियों में काम करने वालो को 10 से 15 15 सालों तक का वेतन भी नहीं मिला काम करने वाले कर्मचारियों के परिवार कितना परेशान होंगे यह भी जानना किसी ने उचित नहीं समझा
बंद समितियां जर्जर होकर गिरने लगी है अब तो क्षेत्र के किसानों का विश्वास भी उठने लगा है कि यह समितियां कभी चालू होंगी या नहीं
वही  भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान ने कहा कि अब वह वक्त आ गया है जब आर पार की लड़ाई किसानों के साथ मिलकर लड़ी जाएगी चारों तरफ खाद के लिए किसानों को दर-दर भटकना पड़ रहा है जनपद फतेहपुर की अधिकांश सहकारी समितियां बंद पड़ी है जानकारी है 
     अब वह समय आ गया है कि इस की लड़ाई सड़कों पर उतरकर आर पार की लड़ी जाएगी जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री जी से मिलकर भी  अवगत कराउंगा
 आगामी 2 सितंबर को राधा नगर चौकी के पास बड़ी पंचायत लगाई जाएगी उस पर ऐआर को बुला करके भी बंद पड़ी समितियों को चालू कराने के  विषय में बात करूंगा ऐसे तमाम परिवार आज भुखमरी की कगार पर है जो इन समितियों पर काम करते थे उनका वेतन नहीं मिला समितियां बंद पड़ी हैं जिसके चलते उन परिजनों के सामने भी घोर संकट के बादल मंडरा रहे हैं उनकी भी लड़ाई लड़ी जाएगी यह मुद्दा मुख्यमंत्री जी तक ले जाऊंगा आखिर जिन लोगों ने समितियों में काम किया है उनका वेतन क्यों नहीं दिया गया है आगामी 2 सितंबर को यह मुख्य मुद्दा भी पंचायत में रखा जाएगा।